Tuesday, April 7th, 2020

दिल्ली : खुफिया अलर्ट के बाद बढ़ाई गई पीएम की सुरक्षा, स्नाइपर्स और कमांडो तैनात

दिल्ली में विधानसभा चुनाव की बिसात बिछ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को रामलीला मैदान में धन्यवाद रैली के जरिये भाजपा के चुनावी अभियान का शंखनाद करेंगे। इसे लेकर प्रदेश भाजपा ने तैयारी पूरी कर ली है। 8 फुट ऊंचे और 80 फुट लंबे मंच से प्रधानमंत्री हजारों लोगों की भीड़ को संबोधित करेंगे। अनधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत करने पर हो रही धन्यवाद रैली में प्रदेश भाजपा 11.5 लाख धन्यवाद हस्ताक्षर वाले पत्र भी उन्हें सौंपेगी। दिल्ली में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गैर चुनावी रैली कर रहे हैं। रामलीला मैदान के आस-पास के स्थानों को केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने नो-फ्लाई जोन घोषित किया है। ऐसा इसलिए क्योंकि एजेंसियों को इस तरह के इनपुट मिले हैं कि कुछ लोग प्रधानमंत्री मोदी की रैली को बाधित करने की कोशिश कर सकते हैं। रामलीला मैदान के आसपास करीब 5,000 सुरक्षाबल, स्नाइपर्स और ट्रैफिक सुरक्षाबल प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात रहेंगे।  

दिल्ली पुलिस का कहना है कि किसी भी एयर स्ट्राइक से बचने के लिए नेशनल सिक्सोरिटी गार्ड (एनएसजी) के एंटी-एयरक्राफ्ट और एंटी-ड्रोन स्कवाड को तैनात किया गया है। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता मनदीप सिंह रंधावा ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तीन स्तरों की सुरक्षा की गई है। जिसमें स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) और दिल्ली पुलिस के अधिकारी शामिल हैं।

रंधावा ने बताया कि एसपीजी कमांडोज सुरक्षा कवर का अंदरुनी घेरा बनाएंगे, वहीं दिल्ली पुलिस के अधिकारी बीच वाले घेरे में रहेंगे। वहीं बाहरी घेरे में स्थानीय पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान या उसके आस-पास धारा 144 लागू नहीं है। दरअसल, शुक्रवार की नमाज के बाद नागरिकता कानून को लेकर दरियागंज में विरोध प्रदर्शन हुआ था।

रंधावा ने कहा कि धारा 144 केवल लाल किले के आसपास के इलाकों में लागू है। रामलीला मैदान में 20 डिप्टी कमिशनर्स की तैनाती की गई है। केंद्रीय सुरक्षा बल जैसे कि रैपिड एक्शन फोर्स और केंद्रीय रिजर्व सुरक्षा बल के लगभग 2,000 कर्मियों को रैली स्थल पर तैनात किया गया है। यह तैनाती दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां के कमांडों के अलावा है।

दिल्ली पुलिस के सिक्योरिटी विंग अधिकारी ने कहा कि रैली में शामिल होने वाले हर व्यक्ति को अपना वैध पहचान पत्र दिखाना होगा तभी उसे अंदर जाने की अनुमति मिलेगी। उन्होंने कहा, 'प्रवेश देने से पहले उनकी ठीक तरह से जांच की जाएगी। हर गेट पर मेटल डिटेक्टर दरवाजे लगाए गए हैं। वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों और वीवीआईपी के लिए एक विशेष प्रवेश द्वार और आपातकालीन निकास द्वार बनाया गया है।'

रैली के दौरान हमले की आशंका

केंद्र सरकार के हालिया फैसलों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठनों के टारगेट पर हैं। एसपीजी और दिल्ली पुलिस को दिए इनपुट में खुफिया एजेंसियों ने आशंका जताई है कि रविवार को रामलीला मैदान में होने वाली धन्यवाद रैली के दौरान आतंकी भीड़ में घुसकर उन पर हमला कर सकते हैं।

खुफिया एजेंसियों का यहां तक कहना है कि जैश-ए-मोहम्मद ने अपने कुछ आतंकियों को दिल्ली भेज भी दिया है। इसे लेकर पूरी राजधानी में अलर्ट जारी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। जगह-जगह बेरीकेड लगाकर वाहनों की तलाशी ली जा रही है।

खुफिया एजेंसियों को मिले इनपुट में कहा गया है कि नागरिकता संशोधन कानून, राम जन्मभूमि को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले, कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने के बाद से पाक में बैठे आतंकी संगठन बौखलाए हुए हैं। ये लगातार प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अमित शाह को निशाना बनाने की फिराक में हैं। ताजा इनपुट में पता चला है कि जैश ने अपने कुछ गुर्गे दिल्ली भेज दिए हैं।

वे प्रधानमंत्री की रैली में घुसकर उन पर हमला कर सकते हैं। लश्कर-ए-तैयबा भी इसी तरह के हमले की फिराक में है। रविवार को होने वाली रैली में प्रधानमंत्री के अलावा एनडीए से जुड़े अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों के भी पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में एजेंसियों ने पूरे रामलीला मैदान और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। PLC.

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