Wednesday, December 11th, 2019

खरीदी और भुगतान की होगी मॉनीटरिंग, व्यवस्थाओं पर भी रहेगी निगाह

आई एन वी सी न्यूज़
कोरबा ,

खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 के दौरान समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का की खरीदी के लिये जिला प्रषासन द्वारा सभी 42 उपार्जन केन्द्रों पर अलग-अलग निगरानी समिति गठित की गई हैं। शासन के निर्देष अनुसार इस निगरानी समिति में संबंधित सहकारी समिति के अध्यक्ष या प्राधिकृत अधिकारी, ग्राम पंचायत के सरपंच और कलेक्टर द्वारा नॉमित नोडल अधिकारी को सदस्य बनाया गया है। प्रभारी मंत्री के अनुमोदन के बाद इन समितियों में दो अन्य जनप्रतिनिधियों को भी सदस्य के रूप में शामिल किया जायेगा। जिले में ऐसी 42 समितियों का गठन किया गया है और प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर धान खरीदी संबंधी व्यवस्थाओं एवं गतिविधियों की निगरानी की जिम्मेदारी इन समितियों को सौंपी गई है। राज्य सरकार के निर्देष अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में जिले में धान खरीदी के लिये 42 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। कलेक्टर श्रीमती किरण कौषल ने इन सभी उपार्जन केन्द्रों पर धान खरीदी की समुचित व्यवस्था के निरीक्षण-पर्यवेक्षण के लिये 42 नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिये हैं। निगरानी समितियों के साथ-साथ सभी नोडल अधिकारियों को समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के समय खरीदी गई मात्रा, किसानों को किये गये भुगतान आदि की मॉनीटरिंग के निर्देष भी जारी किये गये हैं।


इस संबंध में कलेक्टर श्रीमती किरण कौषल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यापक रूप से की जाती है। खरीदी केन्द्रों में किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने में कोई परेषानी न हो और वे आसानी से अपनी फसल को सही समय पर सही दाम पर बेच सकें, इसके लिये जिला प्रषासन ने तैयारियॉं शुरू कर दी हैं। उपार्जन केन्द्रों में मूलभूत आवष्यकताओं जैसे- साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, कम्प्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस, इंटरनेट की व्यवस्था सुनिष्चित की जा रही है। श्रीमती कौषल ने बताया व्यवस्थाआंे को सही ढंग से समय पर पूरा करने के लिये 42 नोडल अधिकारी भी नियुक्त कर दिये गये हैं। उपार्जन केन्द्रों पर आर्द्रतामापी यंत्र, तौल यंत्र, बारदानों के साथ-साथ चबूतरों की संख्या और बारिष की स्थिति में धान को ढॅंकने के लिये तारपोलिन आदि की व्यवस्था भी की जा रही है। कलेक्टर ने बताया कि इस वर्ष पंजीकृत किसानों से प्रति एकड़ 15 क्विंटल अधिकतम उत्पादन के आधार पर धान का उपार्जन किया जायेगा। किसानों को उपार्जन केन्द्रों पर मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार की भी व्यवस्था की जायेगी। धान खरीदी शुरू होने के पहले पटवारियों से पंजीकृत किसानों की सूची और उनकी पूरी डाटा एन्ट्री कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर में कर ली जायेगी।


श्रीमती कौषल ने बताया कि धान खरीदी के लिये नियुक्त सभी 42 नोडल अधिकारी उपार्जन केन्द्रों में धान की आवक, मिलरों को प्रदाय धान की मात्रा, धान की शेष मात्रा, प्राप्त बारदानों की संख्या, धान खरीदी में उपयोग किये गये बारदानों की संख्या तथा शेष बारदानों का सत्यापन भी करेंगे। धान खरीदी के समय किसानों के धान की तौलाई उसी दिन होगी। बोरों की सिलाई कर स्केटिंग लगाने का काम भी साथ-साथ किया जायेगा। उपार्जन केन्द्रों द्वारा आधे नये एवं आधे पुराने बारदानों का उपयोग धान खरीदी के लिये किया जायेगा। धान खरीदी केन्द्रों में केवल पंजीकृत किसानों से ही धान का उपार्जन होगा। बिचौलियों से धान की खरीदी नहीं की जायेगी। धान खरीदी केन्द्रों में पंजीकृत किसानों से खरीदे गये धान का तत्काल भुगतान ऑनलाईन किया जायेगा।


    धान खरीदी केन्द्रों के निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी मौके पर उपस्थित किसानों से पर्याप्त पूछताछ भी करेंगे और उनकी ऋण पुस्तिकाओं का अवलोकन कर विक्रय की गई धान की मात्रा आदि जानकारियों की पुष्टि भी करेंगे। दो से अधिक बार धान बेचने आने वाले किसानों से उनकी उपज के संबंध में सम्पूर्ण ब्यौरा लिया जायेगा और संबंधित पटवारी से सत्यापन भी कराया जायेगा।


    समस्या या षिकायत के लिये बना कण्ट्रोल रूम- धान खरीदी संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या या षिकायत या किसी अन्य जानकारी के लिये जिला प्रषासन द्वारा कलेक्टोरेट परिसर में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नियंत्रण कक्ष का दूरभाष क्रमांक 07759-246848 एवं 07759-227949 है। धान उपार्जन से संबंधी किसी भी प्रकार की जानकारी या षिकायत के लिये टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 पर भी निःषुल्क फोन कर जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।

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