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Thursday, May 6th, 2021

क्यों नहीं लिया साध्वी प्रज्ञा पर एक्शन

  

नई दिल्ली: कांग्रेस ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या के दोषी नाथूराम गोडसे के बारे में एक भाजपा सांसद द्वारा लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गये विवादास्पद बयान को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखा प्रहार करते हुए सोमवार को कहा कि उनके पास अक्तूबर तक मौका है कि वह गांधी की 150वीं जयंती से पहले इस सांसद को पार्टी से हटा दें. पार्टी ने सत्तारूढ़ गठबंधन पर 'टेलीविजन पर सरकार चलाने' का भी आरोप लगाया. 

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान यह बात कही. इससे पहले धन्यवाद प्रस्ताव पेश करते हुए भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने सदन चलाने के लिए विपक्ष से सहयोग मांगा और विपक्षी दलों को इस बात पर विचार करने का परामर्श दिया कि क्या उनका रास्ता सही है.

आजाद ने उनके इस सुझाव पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र, समाजवाद, संघवाद और बहुसंख्यकवाद में विश्वास करती है. उन्होंने कहा कि भारत की एकता, अखंडता, स्वतंत्रता एवं मान सम्मान और अस्तित्व के लिए यह जरूरी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसी रास्ते पर चलती रहेगी और चुनाव में हार जीत से उसका रास्ता नहीं बदल सकता.

उन्होंने भाजपा नीत एनडीए को लोकसभा चुनाव में मिली सफलता की बधाई देते हुए कहा कि कांग्रेस सत्तारूढ़ दल की राह पर नहीं चल सकती. उन्होंने कहा कि भले ही इस राह पर चल कर ''उन्हें जीत मिली हो, पर देश हार गया है.'' आजाद ने कहा कि इस समय देश में टेलीविजन पर सरकार चल रही है. इससे पहले प्रस्ताव रखते हुए नड्डा ने विपक्ष से सदन चलाने में सहयोग देने को कहा. उन्होंने सदन में आए दिन होने वाले हंगामे की ओर संकेत करते हुए कहा, ''अवरोध कभी ताकत नहीं हो सकता.'' 

नड्डा ने विपक्ष को उनके रास्ते पर विचार करने को कहा. उन्होंने कहा कि हमने अपने रास्ते पर भी विचार किया है और चुनाव में ''जनता ने हमें भारी बहुमत से जिता कर यह साबित कर दिया है कि हमारा रास्ता सही है.'' भाजपा नेता ने किसी का नाम लिए बिना कहा ''कभी-कभी अहंकार विवेक पर पर्दा डाल देता है.'' उन्होंने यह भी कहा कि कुछ बातें देख कर ऐसा लगता है कि ''रस्सी जल गई पर बल नहीं गया.'' उल्लेखनीय है कि आजाद का संकेत भोपाल संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित भाजपा की साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के उस बयान की ओर था जो उन्होंने गोडसे के बारे में दिया था. बाद में स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी कड़ी निंदा की थी और ठाकुर ने अपने इस बयान पर खेद जताया था. PLC.

 



 

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