Monday, August 3rd, 2020

क्या हम तभी जागेंगे जब घोड़े हमारे अस्तबल से भाग जाएंगे

राजस्थान की कांग्रेस सरकार पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। राज्य के उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट राजधानी दिल्ली में समर्थकों के संग पहुंचे हुए हैं और गुरुग्राम के एक रिजॉर्ट में रुके हैं। वहीं एक दिन पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी पर सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया था। एक प्रत्याशित घटना के तहत राज्य पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की तरफ से कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने की कोशिश के आरोप में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट को नोटिस कर जारी बयान रिकॉर्ड करने के लिए समय मांगा गया है।

गहलोत ने आज रात बुलाई मंत्रियों और विधायकों की बैठक

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान में मचे सियासी संकट के बीच जयपुर में पार्टी विधायकों और मंत्रियों की आज रात बैठक बुलाई है। सचिन पायलट के साथ तनातनी के बीच इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है।

एंटी करप्शन ब्यूरो ने शुरू की लालच देने वाले विधायकों के खिलाफ जांच
राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो सरकार को अस्थिर करने के लिए विधायकों को प्रलोभन देने के मामले में तीन निर्दलीय विधायकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसीबी की इंटेलिजेंस यूनिट की तरफ से मिले इनपुट्स के आधार पर यह शिकायत दर्ज की गई है। ये तीनों विधायक हैं- किशनगढ़ से सुरेश टांक, मारवाड़ जंक्शन से खुशवीर सिंह और महुवा से ओमप्रकाश हुडला।  

केन्द्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा- गहलोत सत्ता के 2 केन्द्र नहीं संभाल पा रहे

केन्द्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि सचिन पायलट उप-मुख्यमंत्री होने के साथ कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष भी हैं। ऐसे में गहलोत राज्य में सत्ता के बने दो केन्द्र को नहीं संभाल पा रहे हैं।

10 जुलाई को एसओजी ने सचिन पायलट और गहलोत को किया था समन

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट को एसओजी ने 10 जुलाई को समन कर राज्य की कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने के मामले में बयान रिकॉर्ड करने के लिए समय मांगा था।
सचिन पालयट के करीबी ने एसओजी के समन को बताया 'मजाक'

सचिन पायलट के एक समर्थक नेता ने एसओजी के समन को लेकर कहा- यह अलग स्तर का अपमान है। उन्हें शनिवार को कॉल आई कि नोटिस भेजा गया है, और वे निकल गए। इस तरह से उप-मुख्यमंत्री के साथ सलूक किया जा रहा है। हालांकि, राजस्थान सरकार ने कहा कि मुख्यमंत्री को भी नोटिस भेजा गया है। लेकिन, सचिन के करीबी इसे एक मजाक करार दे रहे हैं। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री खुद गृह विभाग के जिम्मा संभाल रहे हैं, ऐसे में कैसे उनसे पूछताछ हो सकती है? यह सोची समझी साजिश है क्योंकि इस एफआईआर से उन्हें एक वजह मिल जाएगी उप-मुख्यमंत्री पर निगरानी रखने की।

कपिल सिब्बल ने ट्वीट पर जताया अंदेशा

इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने ट्वीट करते हुए इशारों में अंदेशा जताया है। सिब्बल ने कहा कि “अपनी पार्टी के लिए चिंतित हूं। क्या हम तभी जागेंगे जब घोड़े हमारे अस्तबल से भाग जाएंगे।” हालांकि, सिब्बल को जवाब देते हुए बीजेपी नेता ओमप्रकाश माथुर ने ट्वीट कर कहा, 'जहां हरियाली होगी वहीं कुलाचें भरने का मजा है ... सूखे में खुर टूट जाते हैं।'

 सचिन पायलट अपने समर्थकों संग शनिवार को पहुंचे दिल्ली

सचिन पायलट कल देर शाम करीब 15-17 समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने से पहुंचे। इस पूरे सियासी घटनाक्रम का कारण एक चिट्ठी को बताया जा रहा है, जिसमें पायलट को पूछताछ के लिए पेश होने के लिए कहा गया है। शुक्रवार को जारी चिट्ठी में सचिन पायलट को आतंकवाद निरोधी दस्ते और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने पूछताछ के लिए बुलाया था। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस चिट्ठी के बाद से पायलट काफी नाराज हैं। आपको बता दें कि गृह मंत्रालय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पास है, ये दोनों विभाग गृह मंत्रालय के ही अधीन आते हैं।PLC.
  

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