विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को कोविड-19 से जूझ रही दुनिया को वैक्सीन मिलने से उम्मीद बंधी है कि इस भयावह वायरस से जल्द ही मुक्ति मिलेगी। डब्ल्यूएचओ महानिदेशक ट्रेडोस एडहोम घेब्रेयेसिस ने कोविड-19 वैक्सीन तक सभी की पहुंच निष्पक्ष रखने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि वह “अगले 100 दिनों में हर देश में टीकाकरण होते देखना चाहते हैं”। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रेडोस ने जोर देकर कहा कि मध्यम और निम्न-आय वाले देशों को भी संरक्षित करने के लिए समान रूप से कोशिशें की जानी चाहिए। टीकाकरण की शुरूआत करने वाले देशों में ऊंची आय वाले देशों द्वारा असमान प्रतिनिधित्व किया जा रहा है। डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा कि हमें पिछली महामारी से मिले सबक को नहीं भूलना चाहिए।

ट्रेडोस ने कहा कि जब एड्स की दवाएं पहली बार आईं तो वे केवल अमीर देशों में उपलब्ध थीं जब तक कि स्वास्थ्य अधिवक्ताओं, समाज और मैन्यूफेक्चर्स ने ऐतिहासिक रूप से कम लागत वाली एंटी-रेट्रोवायरल दवाएं नहीं लाईं। उन्होंने याद किया कि एच1एन1 महामारी ने 2009-2010 में दुनिया को प्रभावित किया था और जब तक कम आय वाले देशों को यह वैक्सीन मिली, तब तक महामारी खत्म हो चुकी थी।

ट्रेडोस ने कहा, “हम नहीं चाहते कि ऐसा फिर से हो। मैं अगले 100 दिनों में हर देश में टीकाकरण को देखना चाहता हूं, ताकि स्वास्थ्य कर्मचारियों और ज्यादा जोखिम वाले लोगों को सबसे पहले सुरक्षित किया जाए। हम जिस दुनिया में रहते हैं वह एक निष्पक्ष दुनिया नहीं है। ऐसे में कोवैक्स सुविधा हमारे लिए निष्पक्षता तक पहुंचने का एक तरीका है।”डब्ल्यूएचओ के अनुसार, जर्मनी, चीन, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका समेत कई देशों में वर्तमान में 236 उम्मीदवार वैक्सीन विकसित किए जा रहे हैं। इनमें से 63 वैक्सीन क्लीनिकल ट्रायल के चरण में हैं। PLC.

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