Friday, August 14th, 2020

कोरोनिल को अभी और टेस्टिंग की जरूरत

नई दिल्ली । हाल ही में योग गुरु बाबा रामदेव की पतंजलि ने कोरोना वायरस की दवा कोरोनिल को लॉन्च किया। ऐसे में एक्सपर्ट्स का दावा है कि प्रयोग से पहले इस दवा को और टेस्टिंग की जरूरत है। हालांकि पतंजलि ने पहले ही  प्लेसबो-नियंत्रित नैदानिक क्लीनिकल टेस्ट का दावा कियाा है। जयपुर मेडिकल कॉलेज में क्लिनिकल परीक्षण चलाने वाले प्रमुख अन्वेषक ने निष्कर्षों की पुष्टि की, लेकिन कहा कि नतीजे प्रारंभिक थे और अध्ययन जारी है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अध्ययन उन रोगियों पर किया गया था जो 35 से 45 वर्ष की आयु के बीच हल्के लक्षण दिखा रहे थे। बीमारी के कारण सबसे बुरे हाल में माने जाने वाला कोई भी व्यक्ति परीक्षण का हिस्सा नहीं थे। पतंजलि ने मंगलवार को कोरोना वायरस का इलाज का दावा करते हुए कोरोनिल नामक दवा लॉन्च की थी। इसके बाद शाम को आयुष मंत्रालय ने दवा से संबंधित जानकारी मांगते हुए 'कोरोनिल' के विज्ञापन पर रोक लगा दी। पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर आचार्य बालकृष्ण ने ट्वीट कर बताया है कि जो भी हमसे जानकारी मांगी गई थी, वह हमने आयुष मंत्रालय को दे दी है।

बालकृष्ण ने ट्वीट किया,  'यह सरकार आयुर्वेद को प्रोत्साहन व गौरव देने वाली है। जो कम्युनिकेशन गैप था, वह दूर हो गया है।  क्लीनिकल ट्रायल के जितने भी स्टैंडर्ड पैरामीटर्स हैं, उन सभी को 100 फीसदी पूरा किया है। इसकी सारी जानकारी हमने आयुष मंत्रालय को दे दी है। कोरोना की पहली आयुर्वेदिक दवा कोरोनिल के लॉन्चिंग के मौके पर बाबा रामदेव ने दावा किया था कि इस दवा का जिन मरीजों पर क्लीनिकल ट्रायल किया गया, उनमें 69 फीसदी मरीज केवल 3 दिन में पॉजीटिव से निगेटिव और सात दिन के अंदर 100 फीसद रोगी कोरोना से मुक्त हो गए। दवा का प्रयोग 280 लोगों पर किया गया। PLC.

 

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