Tuesday, June 2nd, 2020

कोरोना वायरस : न्‍यूयॉर्क शहर बन रहा नया वुहान

न्‍यूयॉर्क,दुनिया के सबसे हाईटेक शहरों में शामिल अमेरिका का न्‍यूयॉर्क शहर आज किलर कोरोना वायरस के कहर से बेहाल नजर आ रहा है। करीब 90 लाख लोगों की आबादी वाला न्‍यूयॉर्क शहर अमेरिका का 'वुहान' बनता जा रहा है। न्‍यूयार्क में अब तक 8377 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। अमेरिका में कोरोना के कहर का आलम यह है कि हर 5 में से 1 अमेरिकी को घर में ही रहने का आदेश दिया गया है।
न्‍यूयॉर्क शहर में रहना और यहां काम करना दुनियाभर के लोगों का सपना होता है लेकिन कोरोना संकट ने इस शहर को जैसे थाम सा दिया है। न्‍यूयॉर्क शहर में रातभर सायरन की आवाज गूंज रही है। पूरा अमेरिका जैसे कोरोना वायरस के खिलाफ अदृश्‍य जंग सा लड़ रहा है। इसके साथ ही कोरोना महमारी ने अमेरिका की बीमारियों से लड़ने के लिए की गई तैयारियों की भी पोल खोलकर रख दी है।

होटल, स्‍टेडियम हॉस्पिटल में बदले
अमेरिका में होटल, स्‍टेडियम और पार्किंग के स्‍थान हॉस्पिटल और क्लिनिक में बदल गए हैं। देश में कोरोना मरीजों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए कई हिस्‍सों में सेना और नैशनल गार्ड को तैनात किया गया है। चीन के वुहान शहर से शुरू हुए कोरोना वायरस ने पूरे न्‍यूयॉर्क शहर को जकड़ लिया है। अब यह शहर इस बीमारी का जैसे गढ़ बनता जा रहा है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने न्‍यूयॉर्क को बड़ी आपदा वाला इलाका घोषित किया है। न्‍यूयार्क में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्‍या मात्र 24 घंटे में डबल होकर 8300 पहुंच गई।

इस गंभीर संकट को देखते हुए न्‍यूयॉर्क शहर को संघीय आपात प्रबंधन एजेंसी से 42 अरब डॉलर का फंड लेना पड़ा है। अब तक न्‍यूयॉर्क शहर में 43 लोगों की मौत हो गई है। अमेरिका के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब राष्‍ट्रपति को पब्लिक हेल्‍थ को बड़ी आपदा घोषित करना पड़ा है। अमेरिकी सेना के इंज‍िन‍ियर होटलों और कॉलेज के हॉस्‍टलों को क्लिनिक में बदल रहे हैं। न्‍यूयॉर्क का सिविल इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर ध्‍वस्‍त होता जा रहा है जिसकी वजह से सेना का काम बढ़ता ही जा रहा है।

अमेरिका में 26,029 लोग कोरोना से संक्रमित
बीमारी का प्रसार इतनी तेजी से हो रहा है कि अमेरिका के उपराष्‍ट्रपति माइक पेंस को अपनी कोरोना जांच करानी पड़ी है। उनके एक स्‍टॉफ को कोविड-19 से संक्रमित पाया गया था। माना जा रहा है कि अगर अमेरिका में हालात न‍ियंत्रण में नहीं आए तो ट्रंप कैलिफोर्निया, न्‍यूयॉर्क और इलिनोइस की तरह पूरे देश में दो सप्‍ताह तक लॉकडाउन कर सकते हैं। अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने शुरू में इस संकट को बहुत कम करके दिखाने की कोशिश की थी और कहा था कि देश के अन्‍य हिस्‍सों में यह बीमारी ज्‍यादा नहीं फैली है।

अमेरिका खुफिया एजेंसियों और व‍िशेषज्ञों ने ट्रंप को काफी समझाया लेकिन वह इसी बात को लेकर अड़े रहे कि इस महामारी से ज्‍यादा खतरा नहीं है। यही नहीं जब अमेरिकी सांसदों को इस खतरे के बारे में बताया गया तो उन्‍होंने शेयर बेच दिए। भारत के दौरे पर आने से पहले भी ट्रंप के सहयोगियों ने उन्‍हें इस आपदा से निपटने की सलाह दी थी। आज स्थिति यह है कि अमेरिका में यह महामारी बहुत तेजी से अपने पैर पसार रही है। पूरे अमेरिका में अब तक 26,029 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं और 308 लोगों की मौत हो गई है। PLC.

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