जयपुर। कोरोना की दूसरी लहर में मिस मैनेजमेंट के कारण समस्याएं खड़ी होने के बाद अब तीसरी लहर की आशंका में पहली बार मरुधरा के हर अस्पताल की प्रोफाइल बनाई जा रही है। इस प्रोफाइल में अस्पतालों को छोटी से छोटी जानकारियां साझा करनी होगी। इसमें मेडिकल कॉलेज से पीएचसी स्तर पर बेड, ऑक्सीजन, दवाइयों और स्टाफ की जानकारी तो देनी ही होगी। सफाई ठेकेदार, इलेक्ट्रीशियन, फायर इंचार्च और प्लंबर की जानकारियां भी प्रोफाइल में समाहित की जाएगी। स्वास्थ्य सचिव ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर को प्रोफाइल बनाने के बाद 25 अगस्त तक उसे मुख्यालय भेजने के आदेश दिए हैं।  दरअसल, एमएचए की ओर से गठित कमेटी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजास्टर मैनजमेंट ने अक्टूबर में कोरोना की तीसरी वेव की आशंका जताई है। ऐसे में अब हर अस्पताल की प्रोफाइल बनाई जा रही है, ताकि तीसरी वेव में मिस मैनजमेंट न हो।

  हर मेडिकल कॉलेज के अस्पताल, जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल, सीएचसी-पीएचसी प्रोफाइल में कुल बेड, ऑक्सीजन बेड, आईसीयू बेड की जानकारी के साथ ही पीकू, नीकू और एसएनसीयू बेड की पूरी जानकारी देनी होगी। एलएमओ, पीएसए प्लांट्स, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, सिलेंडर, ऑक्सीजन पाइपलाइन बेड, ऑक्सीजन फिलिंग सुविधा, ऑक्सीजन टैंकर फैसिलिटी, यूनिट के मोबाइल नंबर,सरकारी और निजी अस्पतालों के चिकित्सकों की जानकारी, बेस एम्बुलेंस,104-108 एम्बुलेंस, क्रिटिकल एम्बुलेंस, प्राइवेट एम्बुलेंस, वेंटीलेटर, पीडियाट्रीक वेंटीलेटर, रेडिएंट वार्मर की सूचना शामिल करनी होगी। इसके अलावा रेमेडिसिविर, टोसिजुमाब समेत अन्य उपलब्ध इंजेक्शनों और सभी दवाइयों तथा डायग्नोस्टिक टेस्ट के बारे में भी बताना होगा।यही नहीं सभी नर्सिंग सुपरीडेंट, स्टाफ नर्स, लैब टेक्निशियन, रेडियोग्राफर, ऑक्सीजन सिलेंडर फिलिंग स्टेशन के मोबाइल नंबर, सभी चिकित्सकों, सभी एम्बुलेंस ड्राइवर्स ,पीएसए प्लांट इंचार्ज, टेक्निशियन, नर्सिंग डिपार्टमेंट, ड्रग स्टोर डिपार्टमेंट, इक्विपमेंट इंचार्ज, लैबोरेटरी इंचार्ज, फायर इंचार्ज, सफाई ठेकेदार, इलेक्ट्रीशियन और यहां तक की प्लंबर के भी नाम और मोबाइल नंबर मांगे गए हैं। PLC

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