Thursday, October 24th, 2019
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कृभको ने वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान 205.54 करोड रूपये का करपूर्व लाभ अर्जित किया


आई एन वी सी न्यूज़  

नई  दिल्ली ,

कृषक भारती कोआपरेटिव लिमिटेड (कृभको), किसानों की एक अग्रणी उर्वरक उत्पादक सहकारी समिति है। इस समिति ने वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान 205.54 करोड रूपये का करपूर्व लाभ अर्जित किया। समिति ने वित्‍त वर्ष के लिए शेयरपूंजी पर 20% लाभांश घोषित किया है। 

समिति की 39वीं वार्षिक आमसभा की बैठक दिनांक 05 सितम्‍बर, 2019 को एनसीयूआई आडिटोरियम, नई दिल्ली में आयोजित की गई जिसमें सदस्‍यों द्वारा समिति के वार्षिक लेखे पारित किए गए। बैठक की अध्यक्षता डा. चन्‍द्र पाल सिंह, अध्यक्ष, कृभको ने की और इस बैठक में कृभको के निदेशकों तथा देश के विभिन्‍न भागों से आए सदस्‍य सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 

कृभको का वर्ष 2018-19 के दौरान यूरिया उत्‍पादन 23.42 लाख मी.टन तथा अमोनिया का उत्‍पादन 13.65 लाख मी.टन था जो क्रमश: 106.74% तथा 109.39% उत्पादन क्षमता उपयोग के बराबर है। समिति के उत्‍पादों में न केवल नीम लेपित यूरिया ही हैं अपितु इसमें जैव-उर्वरक, कम्‍पोस्‍ट, प्रमाणिक बीज, बीटी काटन बीज, संकर बीज, एसएसपी, जिंक सल्‍फेट तथा आयातित डीएपी, एमओपी और एनपीएस भी शामिल हैं। कृभको ने वर्ष 2018-19 के दौरान 53.16 लाख मी.टन उर्वरकों की बिक्री की जो अब तक सर्वाधिक मात्रा की बिक्री है। 

कृभको की 100% अनुषंगी कम्‍पनी ‘कृभको इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर लिमिटेड (क्रिल) समस्‍त भारत आधार पर  श्रेणी-1 के लाइसेंस के तहत आठ कंटेनर रेक्‍स का संचालन कर रही हैं। इस वित्‍त वर्ष में अपने नीतिगत प्रयासों की वजह से क्रिल का राजस्‍व 186.65 करोड़ रूपए रहा जो अब तक का सर्वाधिक है। 

कृभको फर्टिलाइजर्स लि. (केएफएल), कृभको की पूर्ण स्‍वामित्‍व वाली अनुषंगी कम्‍पनी है। इस कम्‍पनी ने 10.64 लाख मी.टन यूरिया तथा 6.45 लाख मी.टन अमोनिया का उत्‍पादन किया जो यूरिया तथा अमोनिया क्षमता उपयोग का क्रमश: 123.05% तथा 128.68% है।

कृभको के प्रबंध निदेशक श्री एन. सांबशिव राव ने आमसभा की बैठक में उपस्थित माननीय प्रतिनिधियों को बताया कि वर्ष के दौरान हजीरा गुजरात  संयंत्र ने उत्‍कृष्‍ट कार्यनिष्‍पादन कायम रखा। उन्‍होनें यह भी सूचित किया कि कृभको 31 मार्च, 2020 तक ऊर्जा खपत के संशोधित मानदंड 5.5 जीकैल प्रति मी.टन हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। विपणन स्‍तर पर, समिति ने अपना कार्यनिष्‍पादन बढ़ाया है और इसने देश की दूसरी सबसे बड़ी उर्वरक विक्रेता कम्‍पनी का स्‍थान कायम रखा। कृभको, एक कृषक संस्‍थान होने के नाते नि:शुल्‍क मिट्टी परीक्षण के आधार पर उर्वरकों के उचित इस्‍तेमाल से फसल की लागत में कमी करके, कृषक ज्ञान और एकीकृत कृषि को प्रोन्‍नत करके वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की सरकारी पहल के साथ तालमेल कर रही है। कृभको अपने ग्रामीण विकास ट्रस्‍ट के माध्‍यम से किसान उत्‍पादक संस्‍थान (एफपीओ) के गठन की भी सुविधा प्रदान करती है।

 

इस अवसर पर, कृभको ने उन दो जाने-माने सहकार बंधुओं को भी सम्‍मानित किया जिन्‍होंने देश में सहकारिता आंदोलन में अपने समर्पित प्रयासों से समाज पर अपनी अमिट छाप छोडी है। ‘सहकारिता शिरोमणि’ सम्‍मान बिहार राज्य के श्री रमजान अंसारी को तथा ‘सहकारिता विभूषण’ सम्‍मान गुजरात राज्य के श्री मगनलाल प्रेमजीभाई घोनिया को प्रदान किया गया।

 

श्री रमजान अंसारी एक सक्रिय सहकार तथा भबुआ, बिहार क्षेत्र से किसान हैं। इन्‍होंने अपना समस्‍त जीवन सहकारी विकास को समर्पित कर दिया। श्री मगनलाल प्रेमजीभाई घोनिया एक सक्रिय सहकार एवं महान नेता हैं। इन्‍होंने अपना सारा जीवन सहकारी विकास तथा ग्रामीण समुदाय के उत्‍थान के लिए समर्पित कर दिया।

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