Monday, December 9th, 2019

कुरूप की रचनाएं गहरी सामाजिक प्रतिबद्धता और रोमानी वास्‍तविकता को दर्शाती हैं : प्रधानमंत्री

आई. एन. वी. सी ,, तिरूवनंतपुरम,, प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने आज केरल के तिरूवनंतपुरम में सुविख्‍यात कवि श्री ओ.एन.वी. कुरूप को ज्ञानपीठ पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया । श्री कुरूप को यह पुरस्‍कार मलयालम में रचित उनकी कविताओं के लिए दिया गया है । इस अवसर पर डॉ. सिंह ने कहा कि विभिन्‍न भारतीय भाषाओं के कार्यों को दूसरी भाषाओं में अनुवाद को बढ़ावा देना चाहिए । उन्‍होंने कहा कि श्री ओ.एन.वी. कुरूप की सुंदर कविताओं को बंगाली या मराठी या पंजाबी में उपलब्‍ध कराना चाहिए । उन्‍होंने कहा कि एक भाषा से दूसरी भाषा में इस प्रकार के अनुवाद को बढ़ावा देना एक महत्‍वपूर्ण लक्ष्‍य है, जिसकी जिम्‍मेदारी साहित्‍य अकादमी ने ली है । डॉ. सिंह ने कहा कि मलयालम के सबसे लोकप्रिय कवियों में से एक की रचनात्‍मक उपलब्‍धियों को सम्‍मान देकर उन्‍हें बहुत प्रसन्‍नता हुई है । उन्‍होंने कहा कि श्री कुरूप की रचनाएं गहरी सामाजिक प्रतिबद्धता और रोमानी वास्‍तविकता को दर्शाती हैं और मानवीय गरिमा एवं आजादी में उनके दृढ़ विश्‍वास का चित्रण करती हैं । अंत में प्रधानमंत्री ने श्री ओ.एन.वी. कुरूप को ज्ञानपीठ पुरस्‍कार प्राप्‍त करने के लिए बधाई दी । [caption id="attachment_23159" align="alignnone" width="300" caption="The Prime Minister, Dr. Manmohan Singh confers the Jnanpith Award on a distinguished man of letters, Shri O.N.V. Kurup, at Thiruvananthapuram,in Kerala on February 11, 2011. The Chief Minister of Kerala, Shri V.S. Achuthanandan is also seen."]The Prime Minister, Dr. Manmohan Singh confers the Jnanpith Award on a distinguished man of letters, Shri O.N.V. Kurup, at Thiruvananthapuram,in Kerala on February 11, 2011. 	The Chief Minister of Kerala, Shri V.S. Achuthanandan is also seen.[/caption]

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