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Friday, February 26th, 2021

किसी को भी नहीं बक्शा जाएगा - पुलिस ने दर्ज किए राजद्रोह के केस

26 जनवरी को दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर परेड में हुई हिंसा पर पुलिस लगातार दूसरे दिन एक्शन में है। गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस ने किसान नेताओं के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किए। यानी वे बिना इजाजत विदेश नहीं जा सकेंगे, उनके पासपोर्ट जब्त किए जाएंगे। वहीं, एक घंटे बाद खबर आई कि लाल किले में हिंसा करने वालों पर पुलिस ने राजद्रोह का केस दर्ज किया है।

हालांकि, यह पता नहीं चल पाया है कि लुकआउट नोटिस किन-किन नेताओं के खिलाफ जारी हुए हैं और राजद्रोह के केस में किस-किस के नाम हैं। लेकिन, लुकआउट नोटिस के मामले में सूत्रों का कहना है कि जिन 37 नेताओं के खिलाफ पुलिस ने बुधवार को FIR दर्ज की थी, उनमें से 20 के खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं।

उधर, किसान नेता युद्धवीर सिंह ने हिंसा की घटनाओं पर माफी मांगते हुए कहा कि 'गणतंत्र दिवस के दिन जो हुआ वो शर्मनाक है। मैं गाजीपुर बॉर्डर के पास था। जो उपद्रवी वहां घुसे उनमें हमारे लोग शामिल नहीं थे। फिर भी मैं शर्मिंदा हूं और 30 जनवरी को उपवास रखकर हम प्रायश्चित करेंगे।'

20 किसान नेताओं से पुलिस ने 3 दिन में जवाब मांगा

पुलिस ने 20 किसान नेताओं को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, 3 दिन में इसका जवाब दें। जिन नेताओं को नोटिस दिए गए हैं उनमें से 6 के नाम अभी तक सामने आए हैं। ये नेता हैं राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव, दर्शन पाल, बलदेव सिंह सिरसा, बलबीर सिंह राजेवाल और जगतार सिंह बाजवा। पुलिस ने जो नोटिस दिया है उसमें यह भी कहा है कि गणतंत्र दिवस पर लाल किले में तोड़फोड़ करना एक देश विरोधी हरकत है।

टिकैत को नोटिस देने पुलिसकर्मी दोपहर गुरुवार दोपहर 12.30 बजे गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे। लेकिन, टिकैत नोटिस लेने के लिए सामने नहीं आए तो पुलिस ने उनके टेंट पर नोटिस चिपका दिया। जगतार सिंह बाजवा ने भी मीटिंग में होने की बात कहकर नोटिस नहीं लिया। ऐसे में पुलिस उनके टेंट पर नोटिस चिपकाकर लौट गई।


कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन का आज 64वां दिन है। टीकरी बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन जारी है। दूसरी तरफ सुरक्षाबल भी तैनात हैं।

हिंसा में घायल पुलिसकर्मियों से मिले अमित शाह

मंगलवार को हुए उपद्रव में दिल्ली पुलिस के 300 से ज्यादा जवान घायल हो गए। इनमें से कई अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से कुछ जवानों का हाल जानने के लिए गृह मंत्री अमित शाह सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, यहां 2 जवान भर्ती हैं। शाह तीरथराम अस्पताल में भर्ती जवानों का हाल जानने भी जाएंगे।

सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर भर्ती जवान का हाल जानते हुए गृह मंत्री अमित शाह। दिल्ली में हिंसा के बाद की स्थिति पर गृह मंत्रालय लगातार नजर बनाए हुए है।
सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर भर्ती जवान का हाल जानते हुए गृह मंत्री अमित शाह। दिल्ली में हिंसा के बाद की स्थिति पर गृह मंत्रालय लगातार नजर बनाए हुए है।
 

टिकैत का धमकी भरा लहजा

ट्रैक्टर रैली में हिंसा को लेकर भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत के खिलाफ FIR हो चुकी है। लेकिन, उनके तेवर नहीं बदले हैं। टिकैत ने अब सरकार को धमकी भरे लहजे में चेतावनी दी है। क्योंकि, गाजीपुर बॉर्डर पर बुधवार रात 8 बजे बिजली काटने से टिकैत गुस्सा हो गए।

टिकैत ने कहा कि 'सरकार दहशत फैलाने का काम कर रही है। इस तरह की कोई भी हरकत पुलिस-प्रशासन न करे। अगर इस तरह की हरकत करेगा तो सारे बॉर्डर वहीं हैं। ठीक है...और वे किसान जो गांवों में हैं वहां पर उनको बता देंगे। फिर अगर कोई दिक्कत होती है तो वहां के जो लोकल के थाने हैं, किसान वहां पर जाएंगे। ये सरकार पूरी तरह ध्यान रख ले। इस तरह की कोई भी हरकत वहां होगी तो पूरी जिम्मेदारी सरकारों की होगी।'

बागपत में पुलिस ने देर रात किसानों को हटाया, लाठीचार्ज की सूचना

दिल्ली पुलिस के साथ ही बुधवार को UP पुलिस भी एक्शन में दिखी। उनसे दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर UP के बागपत जिले के बड़ौत में धरने पर बैठे किसानों को आधी रात को हटा दिया। यहां 40 दिन किसान धरने पर बैठे थे।

खबर तो लाठीचार्ज होने और आंदोलन की कमान संभाल रहे ब्रजपाल सिंह की गिरफ्तारी की भी आई। हालांकि, इन दोनों बातों की पुष्टि नहीं हुई है। उधर, पुलिस की कार्रवाई के बाद बड़ौत के किसान आगे की स्ट्रैटजी बनाने के लिए गुरुवार को पंचायत करेंगे। PLC.

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