Harish Rawat INVC NEWSआई एन वी सी न्यूज़
देहरादून,
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रविवार को नयागाॅव पेलियो, देहरादून में गन्ना विकास विभाग, देहरादून द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत एक दिवसीय गन्ना कृषक मेले एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि जिस तरह राज्य सरकार ने स्वास्थ्य कार्ड प्रदेश में संचालित किये है, उसी तरह किसानों को उनकी काश्तभूमि के लिये साॅयल हेल्थ कार्ड 2017 तक दिया जायेगें। वर्तमान में प्रदेश के चार जनपदों को साॅयल हेल्थ कार्ड हेतु चयनित किया गया है। उन्होंने कहा कि किसान वैज्ञानिक तकनीकि  अपनाकर अपनी पैदावार में वृद्धि कर सकते है। 2013 की आपदा के बाद भी कृषि विकास दर में 05 प्रतिशत वृद्धि हुई, जो 07 प्रतिशत जाने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री श्री रावत ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि गन्ने की खेती के लिये किसानों को प्रशिक्षिण देकर उनको बुआई से कटाई एवं पिराई तक आधुनिक तकनीकि से निपूर्ण बनाये। उन्होंने चीनी मीलों का भी आधुनिकीकरण करने को कहा। गन्ना प्रजाति के बदलाव के साथ साथ नयी एवं आधुनिकतम रिकवरी प्रतिशत वाली प्रजाति का बीज उपलब्ध कराये जाने तथा उसकी बुआई हेतु बढ़ावा दिये जाने की कार्ययोजना बनाने एवं उसका व्यापक प्रचार प्रसार करने हेतु भी अधिकारियो को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि किसानों का 75 प्रतिशत पैसों का भुगतान किया जा चुका है बाकि का भुगतान भी जल्द कर दिया जायेगा। जंगली जानवारों से फसलों की सुरक्षा हेतु बाड़ लगाने का कार्य किया जा रहा है जबकि हरिद्वार में बन्दरबाड़ा भी बना दिया है जिससे दो वर्ष बाद बन्दरो से मुक्ति मिल जायेगी।
मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि बरसाती पानी को एकत्रित करने पर राज्य सरकार बोनस दे रही है, जिससे किसान बरसाती पानी का प्रयोग सिंचाई और मछली पालन में कर सकेंगे, जिससे किसानों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन में 04 रूपये प्रति लीटर बोनस दिया जा रहा है, जिससे राज्य में दुग्ध उत्पादन दोगुना हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि हम नई दृष्टिकोण के साथ कार्य करेंगे, तो इससे किसानों की आमदनी बढ़ने के साथ-साथ राज्य के विकास में भी गति आयेगी। उन्होंने किसानों को विभिन्न प्रकार की व्यवसायिक फसलों का उत्पादन भी करने को कहा। उन्होंने सभी किसानों से अपील की कि वे सभी इस बरसात में अपने घरों में एक-एक फलदार वृक्ष लगायें, जिस पर सरकार 300 रूपये बोनस देगा।
उन्होेंने जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिये किसानों से पारम्परिक तकनीकि अपनाने को कहा जिसके अनुसार खेतो के किनारों पर साल, करी पत्ते, चूंआ आदि के पेड लगाने व सरसों की खेती करने से मधुमक्खी स्वतः ही वहां ढेरा डाल देती है, जिससे हाथियों से सुरक्षा के साथ-साथ काश्त को एक व्यवसायिक रूप भी मिलेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री रावत ने किसानों को गन्ने की अच्छी पैदावार पर शाॅल भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, गन्ना समिति, देहरादून के अध्यक्ष चैधरी महेन्द्र सिंह, पूर्व विधायक रणजीत सिंह वर्मा, अध्यक्ष गन्ना समिति डोईवाला ईश्वर चन्द्रपाल, अध्यक्ष विकास परिषद ताहिर अली, सहायक गन्ना आयुक्त हरिमोहन उपाध्याय सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री श्री रावत नयागांव स्थित मुबंई आतंकवादी हमले में शहीद हुये गजेन्द्र सिंह की प्रतीमा पर भी गये जहां उन्होने प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा की देवभूमि उत्तराखण्ड के जवानो ने सदैव देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दी है। जिस पर हमें गर्व है। इसके उपरान्त नया गांव स्थित गुलजार भवन में जनसभा को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि राज्य सरकार जनता के भरोसे पर खरा उतरने के लिये प्रतिबद्ध है। प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा गरीबों, विकलांगों एवं बुजुर्गाें के लिये पेंशन योजनायें संचालित की जा रही है जिसमें हमारा राज्य देश में अग्रणी स्थान रखता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के उत्थान एवं उनको आत्मनिर्भर बनाने के लिये राज्य सरकार उनके हर कदम पर साथ हैै। राज्य सरकार 60 वर्ष आयु से अधिक महिलाओें को पौष्टिक आहार दिया जा रहा है और 65 वर्ष से अधिक आयु वाली महिलाओं को निःशुल्क बस सेवा का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गाें के लिये ‘‘मेरे बुजुर्ग मेरे तीर्थ‘‘ योजना के अन्तर्गत राज्य सरकार उन्हें विभिन्न तीर्थस्थानों की यात्रा करा रही है। कब्रिस्तान की सुरक्षा दीवारों के लिये 32 करोड़ रूपये की धनराशि की योजना भी शुरू की गई है।
इस अवसर पर गुलजार अहमद, पूर्व प्रधान रतन सिंह, नसीमुद्दीन, हिमांशु गैरोला सहित स्थानीय जनता उपस्थित थी।

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