आई.एन.वी.सी,,
लखनऊ,,

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने कहा है कि इस वर्ष अच्छी बरसात एवं किसानों को सभी आवश्यक सुविधाएं समय से उपलब्ध कराने के कारण खरीफ में रिकार्ड उत्पादन होने की सम्भावना है। उन्होंने कहा कि रबी की फसल के लिए भी सभी कृषि निवेशों की समय से उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए अभी से तैयारी प्रारम्भ की जाए। उन्होंने अधिकारियों को केन्द्र सरकार से सम्पर्क स्थापित कर रबी के लिए पर्याप्त उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। माननीया मुख्यमंत्री जी ने आज यह
निर्देश तब दिये जब योजना भवन में आयोजित प्रमुख सचिवों@सचिवों की समीक्षा बैठक के उपरान्त कैबिनेट सचिव श्री शशांक शेखर सिंह एवं मुख्य सचिव श्री अनूप मिश्र ने बैठक के निष्कर्षों से उन्हें अवगत कराया।  माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है, इसलिए किसानों की सुविधाओं का विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने एवं फसली ऋण वितरण की समीक्षा करते हुए कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक दशा में किसानों को खाद उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए कहा कि खाद की कालाबाजारी एवं तस्करी करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए। उन्होंने विशेष रूप से नेपाल तथा बिहार सीमा पर सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि उर्वरक वितरण में गड़बड़ी करने वाली सहकारी समितियों के विरूद्ध सख्त
कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि उर्वरक विक्रेताओं एवं सहकारी समितियों पर उपलब्ध स्टाक का आकस्मिक निरीक्षण कराया जाए।  माननीया मुख्यमंत्री जी ने तहसील दिवस एवं थाना दिवस की समीक्षा करते हुए इसे और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने तहसील दिवस में आने वाले शिकायतकर्ताओं के मोबाइल नं0 भी रजिस्टर में दर्ज करने तथा वेबसाइट पर भी अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ताओं के मोबाइल नं0 उपलब्ध रहने पर शासन स्तर की एवं जनपद स्तर के वरिष्ठ अधिकारी सीधे उनसे सम्पर्क स्थापित कर उनकी शिकायतों के निस्तारण के सम्बन्ध में पूछताछ कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय स्तर के अधिकारियों@कर्मचारियों द्वारा शिकायतों
के निस्तारण की गलत जानकारी उपलब्ध करायी जाती है, तो इस व्यवस्था से गलत सूचना देने पर उनके विरूद्ध कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर उ0प्र0 जनहित गारन्टी अधिनियम को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जाए। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार सभी जनपद स्तरीय अधिकारी द्वारा प्रातः 10 से 12 बजे तक अपने कार्यालय में जनता से मिलकर उनकी शिकायतों@समस्याओं का गम्भीरता से
निराकरण किया जाए। माननीया मुख्यमंत्री जी ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि ट्रांसफार्मर खराब होने पर उन्हें निर्धारित समय में बदला जाए। उन्होंने कहा कि जिन डा0 अम्बेडकर ग्रामों में सी0सी0 रोड बनायी जा रही है, वहां बिजली के लिए खम्भे पहले स्थापित कर दिये जायें, ताकि बाद में अनावश्यक रूप से सड़क की खुदाई न करनी पड़े। उन्होंने कहा कि जिन नये जनपदों में विद्युत वर्कशाप अभी तक नहीं स्थापित हैं, वहां इन्हें शीघ्र स्थापित कराया जाए, ताकि किसानों सहित स्थानीय उपभोक्ताओं को कठिनाई का सामना न करना पड़े।  माननीया मुख्यमंत्री जी ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य बीमा योजना को प्रभावी ढंग से लागू कराया जाए। उन्होंने कहा कि कार्ड धारकों के कार्डों के नवीनीकरण की भी व्यवस्था करायी जाए। अस्पतालों में कैम्प लगाकर स्वास्थ्य बीमा योजना के दावों का निस्तारण तथा योजना के प्रचार-प्रसार पर बल दिया। उन्होंने नये जनपदों में जहां पोस्टमार्टम हाउस नहीं बने हैं, वहां उनके निर्माण हेतु एक सप्ताह के अन्दर धनराशि अवमुक्त करने के निर्देश भी दिए हैं। सभी स्तर के चिकित्सालयों में साफ-सफाई, दवाओं की
उपलब्धता, चिकित्सकों एवं अन्य स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए जिलाधिकारियों द्वारा आकस्मिक निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यद्यपि चिकित्सकवार रोगियों को देखने एवं उनकी सर्जरी की संख्या में सुधार हुआ है, लेकिन इसमें और अधिक सुधार लाया जाना चाहिए। उन्होंने सभी अस्पतालों, चिकित्सा संस्थानों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों पर उपलब्ध उपकरणों को चलाने के लिए तकनीशियनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। माननीया मुख्यमंत्री जी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संचालित राहत एवं पुर्नवास कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जायें। उन्होंने बाढ़ एवं भारी बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों व अन्य अवस्थापना सुविधाओं की तत्काल मरम्मत कराने तथा इनसे सम्बन्धित सभी सार्वजनिक सम्पतियों के पुनर्निर्माण के लिए 30 सितम्बर, 2011 तक प्रस्ताव केन्द्रीय आपदा राहत कोष के प्रावधानों के अनुसार शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये, ताकि इनका निर्माण@मरम्मत कार्य समय से कराया जा सके। माननीया मुख्यमंत्री जी ंने विभिन्न कार्यों के लिये उपयोग में आने वाले आय-प्रमाणपत्र को लम्बी अवधि के लिए जारी करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे लोगों को तहसीलों के अनावश्यक चक्कर लगाने से निजात मिलेगी। उन्होंने डा0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना के तहत डा0 अम्बेडकर ग्रामों में बनने वाले सी0सी0 रोड, सम्पर्क मार्ग, सामुदायिक केन्द्र तथा सोलर लाइट स्थापना आदि योजनाओं की समीक्षा करते हुए समस्त कार्य इस वर्ष नवम्बर माह तक प्रत्येक दशा में पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने आदर्श तालाब योजना का शत-प्रतिशत सत्यापन कराने तथा इनके त्रुटिपूर्ण निर्माण के लिए जिम्मेदार लोगों के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अनुसूचित जाति@जनजाति के विद्यार्थियों के लिए संचालित प्रशिक्षण केन्द्रों को प्रभावी ढंग से चलाया जाए, ताकि इनका भरपूर लाभ इन्हें मिल सके। उन्होंने आश्रम पद्धति विद्यालयों में अध्यापकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना, सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना तथा महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना, विभिन्न प्रकार के पेन्शन एवं छात्रवृत्ति आदि की समीक्षा करते हुए कहा कि इन योजनाओं के संचालन में किसी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके स्तर से भेजे गये लम्बित संदर्भों पर की गयी कार्यवाही की सूचना शीघ्र उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने कहा कि उनके स्तर से समय-समय पर की गयी घोषणाओं एवं शिलान्यासों की समीक्षा की जाए तथा उन्हें निर्धारित समय में पूरा किया जाए। माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सभी विभाग अपने भुगतानों में टी0डी0एस0 की कटौती सुनिश्चित करें। इसके साथ ही खरीद केवल उन्हीं संस्थाओं से की जाए, जिनके पास टिन नम्बर हो। इस अवसर पर उन्होंने बुन्देलखण्ड क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि यहां चलने वाली योजनाओं को स्थानीय परिस्थिति के अनुसार चलाया जाए, जिससे कि योजनाओं का लाभ स्थानीय लोगों को दीर्घ अवधि तक मिल सके और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके।

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