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Sunday, January 24th, 2021

किसानों को मनाने की कवायद तेज

नई दिल्ली, केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब और हरियाणा से आए हजारों किसानों का पिछले पांच दिनों से हल्ला बोल जारी है। देश की राजधानी दिल्ली की सीमा पर हजारों किसान पिछले पांच दिनों से धरना पर डटे हैं और आज उनके प्रदर्शन का छठा दिन है। इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों के नेताओं को कोविड-19 महामारी एवं सर्दी का हवाला देते हुए तीन दिसंबर की जगह आज यानी मंगलवार को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ उनका यह धरना सोमवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। इन कानूनों के बारे में किसानों को आशंका है कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य समाप्त हो जाएगा। किसानों के प्रदर्शन की वजह से सिंघु और टिकरी बॉर्डर बंद है, वहीं गाजीपुर बॉर्डर पर ठोस बैरिकेडिंग की गई। पढ़ें किसान आंदोलन से जुड़े सभी लेटेस्ट अपडेट्स
सरकार के वार्ता प्रस्ताव को लेकर सिंघु बॉर्डर किसान संगठनों की बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में सरकार के प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है कि सरकार के साथ बैठक में किसान संगठन जाएं या नहीं। इस बैठक को लेकर सुबह करीब 11 से 11.30 बजे के बीच किसान संगठनों की प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। कॉन्फ्रेंस में किसान संगठन अपने फैसले से अवगत कराएंगे।नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने केन्द्र के वार्ता के प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए मंगलवार को एक बैठक बुलाई है। बताया जा रहा है कि यह बैठक जारी है। कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने सोमवार को कोविड-19 और ठंड का हवाला देते हुए किसान संगठनों के नेताओं को तीन दिसम्बर की बजाय मंगलवार को ही बातचीत के लिए बुलाया था। किसान नेता बलजीत सिंह महल ने कहा, 'केन्द्र का प्रस्ताव स्वीकार करें या नहीं, इस पर चर्चा के लिए हम आज एक बैठक कर रहे हैं।'
किसानों के आंदोलन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक अलर्ट जारी किया है। किसान प्रदर्शन को देखते हुए ट्रैफिक मूवमेंट के लिए टिकरी बॉर्डर बंद है। सिर्फ दो पहिया वाहनों के लिए बादुसरी और झाटीखेड़ा बॉर्डर खुला है। हरियाणा जाने के लिए झारोदा, धानसा, दरौला, कपासहेड़ा, रजोकरी NH-8, बिजवासन, पालम विहार और डूंडाहेड़ा बॉर्डर खुले हैं।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अपडेट जारी किया है, जिसके मुताबिक सिंघु बॉर्डर दोनों ओर से पूरी तरह बंद है। मुकरबा और जीटीके रोड से ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है। अभी ट्रैफिक बहुत अधिक है। इसलिए कृपया सिग्नेचर ब्रिज से रोहिणी और रोहिणी से सिग्नेचर ब्रिज और जीटीके रोड, एनएच 44 और सिंघू बॉर्डर तक आने-जाने के लिए आउटर रिंग रोड से बचें।
पंजाब और हरियाणा से आए किसानों की सबसे बड़ी चिंता एमएसपी को लेकर है। उनकी मांग है कि उनकी बातें सुनीं जाए और उन्हें दिल्ली के जंतर-मंतर तक जाने दिया जाए। अन्नदाताओं की दूसरी मांग न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी को लेकर है। पंजाब और हरियाणा के किसानों ने लंबे आंदोलन की योजना से दिल्ली कूच किया है। वह पूरी तैयारीर के साथ आए हैं और दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं।
फिलहाल, सिंधु बॉर्डर और टिकरी बॉर्डर पूरी तरह बंद है। गाजियाबाद बॉर्डर पर भी भारी संख्या में किसान जमे हुए हैं और पुलिस की वहां भी ठोस बैरिकेडिंग है। किसान अब दिल्ली के बाकी बॉर्डर को बंद करने की तैयारी में हैं। अगर सरकार उनकी मांगें नहीं सुनती है तो किसानों ने दिल्ली को चारों तरफ से ब्लॉक करने की चेतावनी दी है।सिंघु और टीकरी बॉर्डर दोनों जगह शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन जारी है। यहां पंजाब और हरियाणा के किसान लगातार छठे दिन जमा हैं। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से और किसानों के पहुंचने से गाजीपुर सीमा पर प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ गई है। सिंघु बॉर्डर पर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदर्शनकारी किसानों के प्रतिनिधियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें मान नहीं ली जाती, तब तक वे प्रदर्शन करेंगे।
कृषि मंत्री तोमर ने कहा, 'कोरोना वायरस महामारी एवं सर्दी को ध्यान में रखते हुये हमने किसान यूनियनों के नेताओं को तीन दिसंबर की बैठक से पहले ही चर्चा के लिये आने का न्यौता दिया है।' उन्होंने बताया कि अब यह बैठक एक दिसंबर को राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में दोपहर बाद तीन बजे बुलायी गयी है। उन्होंने बताया कि 13 नवंबर को हुई बैठक में शामिल सभी किसान नेताओं को इस बार भी आमंत्रित किया गया है। PLC.
  

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