Saturday, February 29th, 2020

किसानों को पोरटेबल मेज ड्रायर खरीदने के लिए पच्चास प्रतिशत सबसिडी उपलब्ध करवाई जायेगी : प्रकाश सिंह बादल

images (2)आई एन वी सी,
पंजाब,
* नवांशहर और सैलाखुर्द में 16 करोड़ रूपये की लागत से स्थापित होंगें मक्की के दो संयुक्त ड्रायर
* सभी मनोनीत मण्डियों में 120 करोड़ रूपये  की लागत से संयुक्त ड्रायर पड़ाव अनुसार स्थापित किये जाएंगें
* जनतक नीजि सांझेदारी तहत मक्की क ी बीजाई सबसे अधिक जालन्धर जिले में हुई
पंजाब के मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल ने आज घोषणा की है कि राज्य में कृषि विभिन्नता कार्यक्रम तहत लोगों को उत्साहित करने के लिए खरीफ ऋतु 2014 दौरान राज्य के शेष 12 जिलों के किसानों को मक्क की काश्त के लिए 75 प्रतिशत सबसिडी पर बीज उपलब्ध करवाया जायेगा। यह जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि स. बादल ने कृषि विभाग को आदेश दिया कि वर्तमान खरीफ ऋतु दौरान मक्की की खरीद से पहले नवांशहर और सेैला खुर्द (होशियारपुर) में सोलह करोड़ रूपये की लागत से मक्की के संयुक्त ड्रायर (कम्यूनिटी मेज ड्रायर) स्थापित किये जाएं ताकि किसानों के लिए मक्की की यकीकन मण्डीकरण सहायता यकीनी बनाई जा सकें। क्योंकि नमी वाली मक्की की वजाए सूखी मक्की का बेहतर मूल्य मिलता है। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को यह भी आदेश दिये कि खरीफ 2014 से पहले सभी मनोनीत मण्डियों में भी 150 करोड़ रूपये की लागत से  मक्की के संयुक्त ड्रायर पड़ाव अनुसार स्थापित किये जाएं। उन्होंने कहा कि किसानों को पोरटेबल मेज ड्रायर खरीदने के लिए पच्चास प्रतिशत सबसिडी उपलब्ध करवाई जायेगी। प्रवक्ता ने आगे बताया कि वित्त आयुक्त विकास ने मार्कफैड  और मिल्कफैड के प्रबन्धकीय निदेशकों के साथ संयुक्त बैठक करके नवांशहर और होशियारपुर में दस करोड़ रूपये की लागत से दो पशु फीड प्लांट लगाने, स्थापित करने, आवश्यक रस्में शीघ्र अति शीघ्र पूरी करने के लिए कहा। ताकि व्यवसाय में मक्की के बेहतर मण्डीकरण को यकीनी बनाया जा सकें जनतक नीजि सांझेदारी तहत किसानों को सबसिडी पर उपलब्ध करवाए हाई ब्रीड बीज की प्रगति सम्बन्धी बताते हुए प्रवक्ता ने कहा कि मक्की की कृषि को उत्साहित करने के लिए पाईलट प्रोजैक्ट के रूप में अब तक पायोनीर पी 3396 और श्री राम पी एक्स किस्मों का 362 मिट्रिक टन बीज दस जिलों बरनाला, फतेहगढ़ साहिब, जालन्धर, कपूरथला, लुधियाना, मोगा, मोहाली, पटियाला, रूपनगर और संगरूर के किसानों को सप्लाई किया गया है। जिसके तहत 18040 हैक्टेयर क्षेत्र में मक्की की बीजाई की गई है। जिला कृषि अधिकारियों की रिपोर्ट अनुसार जनतक नीजि सांझेदारी तहत सबसे अधिक मक्की की बीजाई जालन्धर जिले में हुई है जबकि इसके बाद मोहाली जिले में मक्की की बीजाई हुई है। राज्य सरकार द्वारा यह मॉडल शेष 12 जिलों में भी खरीफ की अगली ऋतु से लागू करने का निर्णय किया गया है। ताकि किसानों क ो धान के रिवायती चक्र से निकाल कर मक्की की बीजाई  की ओर अधिक से अधिक उत्साहित किया जा सकें। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को स्पष्ट शब्दों में कहा कि सम्बन्धित क्षेत्र के मौसम और जमीन अनुसार ही बीज की सप्लाई यकीनी बनाई जाये। वर्णननीय है कि जनतक नीजि सांझेदारी तहत और रिवायती तौर पर अब तक राज्य में 1,44,352 हैक्टेयर क्षेत्र में मक्की बीजाई हुई है जबकि पिछली खरीफ ऋतु दोैरान 1,29 ,000 हैक्टेयर क्षेत्र मक्की की काश्त हुई थी

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