*किसानों को अपनानी होगी आधुनिक वैज्ञानिक आधारित खेतीं

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अनिल सिदूर
आई.एन.वी.सी,,
कानपुर,,
परंपरागत खेती को तिलांजलि दे किसानो ं को आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक आधारित खेती को अपनाना होगा तभी किसान अपने खेतों में अधिक उत्पादन कर सकेगं े।ं यह बात बुधवार को चंद्रशेखर आजाद कृशि विश्वविद्यालय मे ं अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृशि िशक्षा मेला के शुभारंभ पर प्रदेश के कृशि उत्पादन आयुक्त आलोक रंजन ने अपने उदबोधन मे ं कही। उन्होनं े कहा कि आज के दौर में जब पूरी दुनिया परिवर्तन के दौर से गुजर रही है ऐसे में किसानों को खेती की पुरानी घिसीपिटी पद्धति छोड़ नए युग की नयी तकनीक को अपना कर अपने देश तथा परिवार को समृद्ध बनाना चाहिए। हमारे देश का आर्थिक ढांचा खेती पर टिका है। जब तक देश का किसान समृद्ध नहीं होगा देश की समृद्धता की
परिकल्पना करना बेमानी है। यही वजह है कि केंद्र तथा राज्य सरकार अपने बजट का अधिकांश हिस्सा कृशि पर खर्च करतीं हैं। कृशि विश्वविद्यालय बांदा कुलपति डॉ॰एमएस औलख ने अपने संबोधन में कहा कि प्रकृति के बदलते स्वरुप को दृिश्टगत रख़ते हुए किसानों को अपनी खेती पर ध्यान देना चाहिए जिससे उतपादन में बढोत्तरी के साथ ही उनकी लागत का सही मूल्य समय पर मिल सके। किसानों को चाहिए कि अपने बच्चों को कृशि की उच्च िशक्षा दिलाएें जिससे वह खेती को व्यवसायिक रूप दे सके।ं चंद्रशेखर आजाद कृशि विश्वविद्यालय कुलपति डॉ॰ जीसी तिवारी ने कहा कि विगत वशोzं की भांति इस वशz भी किसान मेला का आयोजन किया गया है। लेकिन इस वशz के मेले की विशेशता है कि युवाओ ं को कृशि आधारित छोटे व्यवसायो ं की िशक्षा भी दी जाएगी। जो युवाओ ं को एक सही दिशा देगी। जिला बुलंदशहर निवासी राश्टपति पुरस्कार सम्मानित प्रगतिशील किसान महेंद्र सिंह गंडास नें कहा कि किसानों का अनपढ़ होना प्रगति में बाधक है। उन्हे ं चाहिए कि यह कमी वह अपनी आने वाली पीढ़ी को िशक्षित कर परू ी करे।ं बदलते परिवेश में आधुनिक तकनीक अपनाना अब उनकी जरूरी आवश्यकता है। खेतो ं की उर्वरकताको बढाने के लिए जैविक खाद जरूरी है रासायनिक खादों ने खेतों की मिटटी की उर्वरकता को ख्ति पहुचायी है। कृशि मेले में वििभ्न्न विभागो ं के स्टाल लगाए गए जिसमें शासन द्वारा दी जाने वाली योजनाओं के बारे मे ं जानकारी दी गई। इस वशz के मेले में ए2जेड इफ्रास्टक्चर लिने कूडे़ से बनने वाली जैविक खाद का प्रदशzन किया। मालूम हो कि ए2जेड अपविश्ट प्रबंधन पर आधारित संयत्र पर कूडे़ को जन उपयोगी बना कर जैविक खाद का उत्पादन कर रहा है। कृशि मेले में 7000 कुंटल आधारीय बीज किसानो ं को वितरित किया गया। इस अवसर पर निदेशक प्रसार डॉ॰ रामचरन, जिलाधिकारी डॉ॰ हरीओम, तमाम प्रगतिशील किसान के साथ ही बड़ी संख्या मे ं छात्र-छात्राएं मौजूद थीं। मेले के शुभारंभ पर एक बहुउदद्ेशीय हाल का उदघाटन भी किया गया।

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