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Saturday, March 6th, 2021

किसानों की सारी मांगें मानते हुए तीनों काले कानून वापस लिए जाएं

सरकार और किसानों के बीच बातीचीत से पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा- 'ठंड और बारिश के बीच सड़कों पर डटे हमारे किसानों के हौंसले को सलाम। मेरी केंद्र सरकार से अपील है कि आज की बैठक में किसानों की सारी मांगें मानते हुए तीनों काले कानून वापस लिए जाएं।'
कृषि कानूनों पर सरकार से बातचीत के लिए किसान नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल विज्ञान भवन पहुंचा। एक किसान नेता ने कहा कि हमें उम्मीद है कि नए साल में इस बैठक में एक सफलता मिलेगी
किसानों के साथ आज की वार्ता से पहले केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि हम आज एक सकारात्मक समाधान पाएंगे। हम बैठक में सभी मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
किसानों और सरकार के बीच आज सातवें दौर की वार्ता होनी है। सरकार के साथ इस बातचीत के लिए किसान नेता विज्ञान भवन के लिए रवाना हो गए हैं। बता दें कि अब से कुछ देर बाद यानी दोपहर 2 बजे विज्ञान भवन में बातचीत शुरू होगी। 
सरकार के साथ बातचीत से पहले किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के संयुक्त सचिव सुखविंदर एस सब्रा ने कहा कि हमारी मांगें पहले की तरह ही तीन कृषि कानूनों को रद्द करने और एमएसपी की गारंटी देने की हैं। अगर हमारी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो हम 6 जनवरी को और 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च करेंगे।
भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि कई मुद्दों पर चर्चा होनी है। सरकार को समझना चाहिए कि किसानों ने इस आंदोलन को अपने दिल से लगा लिया है और कानूनों को निरस्त करने से कम पर वे कुछ नहीं मानेंगे। स्वामीनाथन की रिपोर्ट को लागू करना चाहिए और MSP पर कानून बनाना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल सरकार का नेतृत्व करेंगे, जबकि किसान यूनियन के 40 नेता वार्ता में किसानों का प्रतिनिधित्व करेंगे। इससे पहले 30 दिसंबर को किसानों और केंद्र के बीच छठे दौर की वार्ता हुई थी जहां कुछ चीजों लेकर उनकी रजामंदी हुई थी।PLC.

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