Monday, March 30th, 2020

कार्य स्‍थलों में यौन प्रताड़ना से महिलाओं की सुरक्षा संबंधी विधेयक शीघ्र : कृष्‍णा तीरथ

आई. एन. वी. सी. ,, दिल्ली,, महिला एवं बाल विकास राज्‍य मंत्री श्रीमती कृष्‍णा तीरथ ने कहा है कि किशोरी कन्‍याओं और गर्भवती कामकाजी महिलाओं के कल्‍याण के लिए उनके मंत्रालय द्वारा तैयार की गई दो अति महत्‍वपूर्ण योजनाओं का मंत्रिमंडल ने अनुमोदन कर दिया है। आज नई दिल्‍ली में महिला एवं बाल कल्‍याण विभाग के राज्‍यों के प्रभारी सचिवों की बैठक को सम्‍बोधित करते हुए उन्‍होंने कहा कि ये योजनाएं हैं- राजीव गांधी किशोरी कन्‍या सशक्‍तीकरण योजना- सबला और इन्‍दिरा गांधी मातृत्‍व सहयोग योजना (आईजीएमएसवाई)। सबला योजना का उद्देश्‍य 11 से 18 बर्ष की आयु की लड़कियों की आवश्‍यकताओं का समाधान करना है, जबकि आईजीएमएसवाई का उद्देश्‍य गर्भधारण और प्रसव के बाद की स्‍थितियों में महिलाओं के वेतन अथवा पारिश्रमिक में होने वाली हानि का आंशिक मुआवजा प्रदान करना है। सबला योजना को आगामी 19 नवम्‍बर से देश के 200 जिलों में प्रयोग के तौर पर शुरू किया जायेगा। श्रीमती तीरथ ने बताया कि आईजीएमएसवाई भी शीघ्र ही लागू की जायेगी। यह योजना इसलिए शुरू की जा रही है ताकि गर्भवती महिलाएं गर्भधारण के दौरान समुचित आराम कर सकें और उनके स्‍वास्‍थ्‍य पर और नवजात शिशु के स्‍वास्‍थ्‍य पर कोई अनुचित प्रभाव न पड़े। उन्‍होंने कहा कि इन दोनों योजनाओं को एकीकृत बाल विकास सेवाओं (आईसीडीएस) से जोड़ दिया जायेगा। आईसीडीएस छोटे बच्‍चों के स्‍वास्‍थ्‍य की देखभाल और शिक्षा से जुड़ी विश्‍व की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है। श्रीमती तीरथ ने महिलाओं और बच्‍चों के कल्‍याण से जुड़ी इन योजनाओं के क्रियान्‍वयन में राज्‍यों के सहयोग के महत्‍व पर जोर देते हुए कहा कि इसके लिए आवश्‍यक ढ़ांचे तैयार किये जाने चाहिए। उन्‍होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय देश के 44 करोड़ बच्‍चों के कल्‍याण और संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। श्रीमती तीरथ ने कहा कि कार्यस्‍थलों पर महिलाओं को यौन प्रताड़ना से बचाने के लिए शीघ्र ही एक विधेयक लाया जायेगा। उन्‍होंने कहा कि बलात्‍कार की पीड़ितों को वित्‍तीय सहायता और सहारा देने की योजना पहले ही मंजूर की जा चुकी है। शीघ्र ही इसे अधिसूचित कर दिया जायेगा। बैठक में श्रीमती तीरथ ने कहा कि घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण संबंधी अधिनियम के क्रियान्‍वयन की समीक्षा की जायेगी। उन्‍होंने कहा कि जिन राज्‍यों में इस कानून के अनुपालन के लिए स्‍वतन्‍त्र अधिकारी तैनात नहीं किये गए हैं, उनमें ये नियुक्‍तियां शीघ्र की जानी चाहिए। [caption id="attachment_20048" align="alignleft" width="300" caption="The Minister of State (Independent Charge) for Women and Child Development, Smt. Krishna Tirath addressing at the inauguration of a Conference of State Secretaries in-Charge of Women and Child Development, in New Delhi on October 28, 2010."]The Minister of State (Independent Charge) for Women and Child Development, Smt. Krishna Tirath addressing at the inauguration of  a Conference of State Secretaries in-Charge of Women and Child Development, in New Delhi on October 28, 2010.[/caption]

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