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Sunday, April 18th, 2021

कानून का मसौदा अलोकतांत्रिक

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नीट और जेईई परीक्षा को टालने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की वकालत की है. उन्होंने सभी राज्य सरकारों से अनुरोध किया कि एक साथ मिलकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया जाए और परीक्षा को तब तक के लिए स्थगित करवाया जाए जब तक स्थिति छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति न दे.

दरअसल, कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक की. इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल हुईं. इस बैठक के दौरान ही उन्होंने ये बात कही. इसके साथ ही उन्होंने कहा, “परीक्षाएं सितंबर में हैं. छात्रों के जीवन को जोखिम में क्यों डाला जाना चाहिए? हमने पीएम को लिखा है, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई है.”

पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी ममता बनर्जी के प्रस्ताव का समर्थन किया. उन्होंने कहा, “हम सभी जो यहां बैठे हैं, उन्हें सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए.” इस बैठक में ममता बनर्जी और अमरिंदर सिंह के अलावा महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे, झारखंड के सीएम सीएम हेमंत सोरेन, पुदुचेरी के सीएम वी नारायण सामी, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल और राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत शामिल रहे.


राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर सोनिया गांधी ने क्या कहा?

इस दौरान सोनिया गांधी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति से संबंधित घोषणाएं वास्तव में हमें चिंतित करने वाली हैं, वास्तव में यह एक झटका है. छात्रों और परीक्षाओं की अन्य समस्याओं को भी लापरवाही में निपटाया जा रहा है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पर्यावरण असर आकलन (ईआईए) कानून का मसौदा अलोकतांत्रिक है, मोदी सरकार ने पर्यावरण, लोक स्वास्थ्य की सुरक्षा वाले कानूनों को कमजोर किया है. PLC.

 
 

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