Saturday, November 16th, 2019
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कानून का पालन सुशासन और लोक हित से जुड़ा

आई एन वी सी न्यूज़ भोपाल  ,

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि कानून का पालन करना कानून निर्माण करने से ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। यह सुशासन और लोक हित से जुड़ा है। मुख्यमंत्री आज यहाँ राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय संस्थान, भोपाल में चौथी एनएलआईयू जस्टिस आर के तन्खा इंटरनेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2019 के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। आयोजन सीनियर एडवोकेट एवं सांसद श्री विवेक तन्खा के ऑफिस द्वारा किया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून का उपयोग ऐसे वंचित वर्गों के हित में होना चाहिये, जो उनके हित में बने कानूनों का उपयोग नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि कानून के उपयोग के माध्यम से वंचित वर्गों के हितों की रक्षा होती है। उन्होंने कहा कि न्याय एक ऐसी स्थिति है, जब व्यक्ति अपने कर्त्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति संवेदनशील होता है। उन्होंने कहा कि आज शासन, प्रशासन के क्षेत्र में सुधार की सबसे ज्यादा आवश्यकता है। अच्छी नीतियों को जब अक्षम प्रदाय व्यवस्था मिलती है, तो वे सबसे बुरी साबित होती हैं। उनका लाभ लोगों तक नहीं पहुँच पाता।

इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश श्री डी.एम. धर्माधिकारी, सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बीट्रेशन सेंटर के रजिस्ट्रार श्री केविन नाश ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किये। पहला पुरस्कार नेशनल लॉ स्कूल बैंगलुरु को मिला। उप विजेता गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी रही ।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री को संस्थान द्वारा गाँवों को कानूनी विवादों से मुक्त बनाने की दिशा में किये गये कामों और गरीबों को कानूनी सहायता देने संबंधी रिपोर्ट सौंपी गई। उन्होंने 'इंडियन आर्बीट्रेशन लॉ रिव्यू' का विमोचन किया। राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय संस्थान भोपाल के कुलपति डॉ. वी. विजय कुमार, रजिस्ट्रार सुश्री गिरीबाला सिंह और विभिन्न विधि विश्वविद्यालय संस्थानों के प्रतियोगी विद्यार्थी उपस्थित थे।

प्रदेश में बनेगा कोल विकास प्राधिकरण

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि आदिवासी समाज हमारे प्रदेश की पहचान है। इनका सर्वांगीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश के विकास का एक ऐसा रोडमेप तैयार कर रहे हैं, जिसमें समाज के सभी वर्गों के कल्याण की योजनाएँ शामिल होंगी। श्री नाथ आज उमरिया में बांधवगढ़ शबरी कोल महाकुंभ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश में कोल विकास प्राधिकरण बनाने और कोल जनजाति को विशेष पिछड़ी जनजाति घोषित करने के लिये केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि हमारा वचन-पत्र सरकार का काम करने का मुख्य एजेंडा है। वचन-पत्र में प्रदेश के विकास के साथ किसानों, नौजवानों, कमजोर वर्गों, पिछड़ों और गरीबों के आर्थिक उत्थान का वादा है। हम इस वचन-पत्र की सभी चुनौतियों से निपटते हुए इसे पूरा करेंगे और प्रदेश में विकास का एक नया इतिहास बनायेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा आज का आदिवासी युवा आगे बढ़ने के लिये तत्पर है। सरकार इन युवाओं को काम करने के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने का प्रयास कर रही है। प्रदेश में निवेश और औद्योगीकरण का जाल बिछाकर हर बेरोजगार को रोजगार देने की सुनियोजित योजना बना रहे हैं। युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने के लिये बड़े पैमाने पर मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना में प्रशिक्षण देने का अभियान चला रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोल समाज को मुख्य-धारा में लाने के लिये और विशेषकर युवाओं और महिलाओं की तरक्की के लिये हम वचनबद्ध हैं। उन्होंने हाल ही में किसानों की कर्ज माफी और युवाओं के लिये शुरू की गई रोजगार योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र पर आधारित अर्थ-व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री के कोल समाज के शबरी महाकुंभ पहुंचने पर परंपरागत तरीके से स्वागत किया गया। उन्हें प्रतीक स्वरूप शबरी के झूठे बेर भी खिलाये गये और माता शबरी का आदमकद छायाचित्र भेंट किया गया।

जनजातीय कार्य, विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ जनजाति कल्याण मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम, युवा कोल समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री विजय कोल, पूर्व विधायक सुश्री कौशल्या गोटिया, सुश्री बसंतीबाई कोल और प्रदेश कोल समाज संघ के अध्यक्ष श्री के.पी. राकेश ने भी संबोधित किया।




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