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Monday, September 21st, 2020

कांग्रेस को अपनी ही दवा का स्वाद लेना पड़ रहा

नई दिल्ली, जयपुर। राजस्थान में जारी सियासी संकट के बीच बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने कांग्रेस में शामिल हो चुके अपने छह विधायकों को व्हिप जारी कर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की चिंता बढ़ा दी है। आपको बता दें कि बीते साल अशोक गहलोत ने बीएसपी के सभी छह विधायकों को कांग्रेस में शामिल कर विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 101 का आंकड़ा पार कर लिया था। कांग्रेस विधायकों की संख्या 99 से 105 हो गई थी।

बीएसपी मौके की नजाकत को देखते हुए पार्टी के छह विधायकों के कांग्रेस में विलय को अवैध करार देने के लिए कानूनी लड़ाई में शामिल हो गई है। बसपा ने विधायकों के लिए गहलोत की सरकार के खिलाफ वोट करने का व्हिप जारी किया है।
कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील सुनील फर्नांडिस ने कहा “विलय महीनों पहले हुआ था। यह आश्चर्य की बात है कि बीएसपी का केंद्रीय नेतृत्व क्यों जाग गया और विलय को गैरकानूनी समझ लिया। भाजपा विधायक मदन दिलावर के बसपा विधायकों को अयोग्य घोषित करने के लिए राजस्थान हाई कोर्ट में याचिका दायर करने के बाद ही बसपा यह दलील दे रही है। बीएसपी और दिलावर दोनों गलत हैं।”

उन्होंने कहा, “संविधान की दसवीं अनुसूची एक विधायक दल के विलय की अनुमति देता है। बीएसपी का यह तर्क गलत है किएक राष्ट्रीय पार्टी के रूप में कांग्रेस के साथ बसपा विधायकों को कांग्रेस में विलय करना गलत है। मूल पार्टी का विलय नहीं हो सकता है, लेकिन एक विधायक दल के सदस्यों को दसवीं अनुसूची या विरोधी दलबदल अधिनियम के तहत किसी अन्य पार्टी के साथ विलय करने का अधिकार है।”

फर्नांडिस बसपा के वरिष्ठ नेता सतीश मिश्रा के उस बयान का खंडन कर रहे थे, जिसमें कहा गया था विधायक तब तक विलय नहीं कर सकते जब तक कि दो दलों के बीच राष्ट्रीय स्तर का विलय नहीं होता।

इस मामले पर बसपा नेता भगवान सिंह बाबा ने कहा, "व्हिप जारी किया गया, क्योंकि विधायकों ने बसपा के टिकट पर चुनाव जीता था और वे कांग्रेस की गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकते हैं या उनके लिए वोट नहीं कर सकते हैं। बसपा प्रमुख ने काफी विचार-विमर्श के बाद यह फैसला किया। हम मायावती के निर्देशों पर काम कर रहे हैं।''

नाम नहीं छापने की शर्त पर बसपा के एक सांसद ने कहा, "इसे बीजेपी के साथ जोड़कर देखना गलत है। जब हमें बार-बार पीठ में छुरा मारने वाली पार्टी को अपनी दवा का स्वाद लेना पड़ रहा है तो हमें चुप क्यों बैठना चाहिए?'' PLC.

 

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