Monday, January 20th, 2020

कश्मीर जाएगी अल्पसंख्यक मंत्रालय की टीम


नई दिल्लीः जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय विकास की संभावना को टटोलने के मकसद से बड़ा कदम उठाने जा रहा है. कल अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के अधिकारियों का एक डेलिगेशन जम्मू कश्मीर के दौरे पर जा रहा है जो दो दिनों तक यानी 27 और 28 अगस्त को वादी के अलग अलग इलाकों में जाकर ये देखेगा कि कहां और कैसे स्कूल, कॉलेज और दूसरे भवनों का निर्माण कराया जाए. अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने इस मामले में कहा है कि विपक्ष के जो लोग ''राजनीतिक पूर्वाग्रह'' के चलते 370 से जुड़े कदम का विरोध कर रहे हैं, वो भी भविष्य में इसका समर्थन करेंगे.

नकवी इस बात को कहते रहे हैं कि, ''हम जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पर विशेष ध्यान दे रहे हैं. उनकी कोशिश रही है कि मंत्रालय की तमाम योजनाओं का फायदा यहां के लोगों को मिले. अभी ये टीम घाटी का दौरा करेगी और बाद में जम्मू और लद्दाख का कार्यक्रम भी रखा जाएगा. इस टीम में मंत्रालय के सचिव, संयुक्त सचिव और दूसरे वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. मंत्री ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने का राज्य के मुस्लिम समुदाय सहित सभी लोग स्वागत कर रहे हैं और राज्य में सुरक्षा से जुड़े कदम उठाने का मकसद यह है कि अलगावादी, लोगों को गुमराह नहीं कर सकें.
उन्होंने यह भी कहा कि समूचे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में ''प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम के तहत विकास कार्य शुरू किए जाएंगे. नकवी ने कहा, '' जो लोग भी कश्मीर और उसकी वास्तविकता जानते हैं और राजनीतिक पूर्वाग्रह से ऊपर उठकर सोचते हैं वो 370 को हटाने के कदम का समर्थन कर रहे हैं. जिनका राजनीतिक पूर्वाग्रह है वो इसका विरोध कर रहे हैं, लेकिन भविष्य में वे भी इसका समर्थन करेंगे.
नकवी इस बात को जोर देकर कहते है कि अनुच्छेद 370 के कारण शिक्षा, रोजगार, मानवाधिकार, अल्पसंख्यक और बाल अधिकार तथा अन्य विषयों से जुड़े 100 से अधिक कानून वहां लागू नहीं थे. इसलिए वहां के लोगों को भी यह अहसास हुआ कि 370 उनके विकास के रास्ते का बड़ा रोड़ा है. उन्होंने कहा कि ''राज्य के लोगों के अधिकारों और संस्कृति की सुरक्षा की जाएगी. नकवी ने कहा कि इस बार जम्मू-कश्मीर से करीब 12 हजार लोगों ने हज किया जो आजादी के बाद पहली बार हुआ है.'' PLC
 

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