नई दिल्‍ली : कर्नाटक की कुमारस्‍वामी सरकार इन दिनों संकट में है. कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के 12 विधायकों ने असंतुष्टि दिखाते हुए अपना इस्‍तीफा सौंप दिया है. साथ ही इनमें से 11 विधायक मुंबई भी पहुंच गए हैं. इस संकट के बीच मुख्‍यमंत्री एचडी कुमारस्‍वामी रविवार को अमेरिका से लौट रहे हैं. वह इस संकट को सुलझाने के फॉर्मूले पर विचार करेंगे. ऐसे में कर्नाटक विधानसभा का पूरा सियासी गणित भी सरकार के लिए बड़ा मायने रखता है. 

यह है कर्नाटक का ताजा सियासी गणित:

1. विधानसभा में स्पीकर को मिलाकर कुल सीट 225.


2. बहुमत का आंकड़ा 113 है. स्पीकर को हटा दें तो कुल सीटें 224.

3. BJP के पास 105. कांग्रेस के पास 79, जेडीएस के पास 37, बसपा के पास 1, निर्दलीय 1 और नॉमिनेटेड 1 (वोट का अधिकार नहीं).

 


4. कांग्रेस के 79 में से अब तक 9 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं (आनंद सिंह पहले ही दे चुके हैं बाकी 8 ने शनिवार को दिया).

5. जेडीएस के 37 विधायकों में से शनिवार को 3 ने इस्तीफा दिया.

6. अगर इन सभी 12 विधायकों के इस्तीफे मंजूर हो जाते हैं तो गठबंधन सरकार के सदस्यों की संख्या घटकर 103 रह जाएगी.


7. हाल ही में 2 निर्दलीय विधायकों को मंत्री बना दिया गया और बसपा का समर्थन जेडीएस के साथ है. ऐसे में समर्थन का कुल आंकड़ा 106 पहुंच जाएगा. इन 12 विधायकों के इस्तीफे से विधानसभा की सदस्यता की संख्या 224 से घटकर 212 रह जाएगी.

8. बहुमत के लिए 107 विधायकों की जरूरत होगी, जो फिलहाल गठबंधन सरकार के पास नहीं हैं. हालांकि बीजेपी के पास भी 105 विधायक हैं. ऐसी सूरत में बीजेपी भी सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है. लेकिन अगर 3 और विधायक इस्तीफा देते हैं तो विधानसभा की संख्या घटकर 209 रह जाएगी. गठबंधन को समर्थन देने वाले विधायक 103 रह जाएंगे. 

9. ऐसे हालात में 105 विधायक के साथ बीजेपी सरकार बना सकती है. एक निर्दलीय विधायकों ने हाल ही में अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया था, ऐसे में कांग्रेस की स्ट्रेंथ 79 हो गई है. PLC