Tuesday, January 21st, 2020

कमलनाथ सरकार के लिए मुसीबत बन सकते हैं ये 4 दिन

भोपाल. कमलनाथ सरकार (Kamalnath Government) की एक साल की उपलब्धियों में खलल डालने के लिए बीजेपी (BJP) ने पूरी प्लानिंग कर ली है. युवा मोर्चे से लेकर बीजेपी के तमाम संगठन कमलनाथ सरकार के खिलाफ एक के बाद एक विरोध प्रदर्शन की तैयारी में है. बीजेपी की मानें तो कांग्रेस (Congress) सरकार के एक साल में आम जनता से लेकर बेरोजगार तक परेशान हैं और सरकार अपनी झूठी उपलब्धियां गिनाने में लगी है. यही वजह है कि बीजेपी को सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ रहा है. सरकार के खिलाफ बीजेपी के विरोध प्रदर्शन के सिलसिले को देखें तो 14 दिसंबर को बीजेपी ने यूरिया संकट और किसानों की परेशानी को लेकर सरकार के खिलाफ खेत धरना दिया था. आने वाली 17 तारीख को मध्य प्रदेश में कैब (CAB) लागू नहीं करने पर बीजेपी जिला स्तर पर कलेक्टर दफ्तर पर प्रदर्शन की तैयारी में है. उधर, बीजेपी युवा मोर्चा भी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की सीरीज चला रहा है. 14 तारीख को पोस्टकार्ड पॉलिटिक्स के बाद अब 19 दिसंबर को युवा आक्रोश आंदोलन की तैयारी है. इसके अलावा विधानसभा के शीतकालीन सत्र (Assembly Winter Session) में भी बीजेपी सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है.

क्या है बीजेपी की रणनीति?

सरकार को घेरने के लिए बीजेपी ने सदन से लेकर सड़क तक रणनीति तैयार कर ली है. 17 दिसंबर से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र से पहले 16 दिसंबर को बीजेपी विधायक दल की बैठक होगी. शाम साढ़े 6 बजे होने वाली विधायक दल की बैठक में सत्र के दौरान सदन में सरकार को घेरने की रणनीति बनेगी. माना जा रहा है कि किसान, यूरिया संकट, बिजली बिल, महिला अपराध और बेरोजगारों के मुद्दे पर बीजेपी सरकार को सदन में घेरेगी. विधानसभा का शीतकालीन सत्र 17 से 23 दिसंबर तक चलेगा. शीतकालीन सत्र की कार्यवाही विधिवत तौर पर 18 दिसंबर से ही शुरू होगी. लिहाजा 18 को सदन में बीजेपी का हंगामा दिखने की उम्मीद है. वहीं 17 दिसंबर को ही पार्टी ने मध्य प्रदेश में नागरिकता संशोधन विधेयक लागू नहीं करने के मुद्दे पर सभी जिलों में कलेक्टर दफ्तर पर प्रदर्शन करने का फैसला किया है. इसके बहाने भी सरकार को घेरने की कोशिश होगी. युवा मोर्चा 19 दिसंबर को युवा आक्रोश आंदोलन के जरिए बेरोजगारों के मुद्दे पर सरकार को घेरेगा.


विरोध के बीच कांग्रेस का विजन

एक तरफ जहां बीजेपी विरोध की रणनीति बना रही है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने सरकार की उपलब्धियों को जनता के बीच ले जाने का फैसला किया है. 17 दिसंबर को सीएम कमलनाथ मंत्रियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी सरकार के एक साल का रिपोर्ट कार्ड जनता के बीच पेश करेंगे. वहीं दूसरी तरफ इसी दौरान आने वाले 4 साल का विजन डॉक्यूमेंट भी पेश किया जाएगा. पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह सरकार का विजन डॉक्यूमेंट पेश करेंगे. बहरहाल, कांग्रेस और भाजपा की इन तैयारियों के बीच प्रदेश में आगामी कुछ दिन काफी गहमा-गहमी से भरे होंगे. PLC

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