Monday, December 9th, 2019

कटौती से राज्य के विकास कार्यों पर पड़ रहा असर

आई एन वी सी न्यूज़
जयपुर,

 
नगरीय विकास मंत्री श्री शांति धारीवाल ने दिल्ली में जीएसटी एम्पॉवर्ड कमेटी की बैठक में केन्द्र सरकार द्वारा राज्य के हिस्से की जीएसटी, सीएसटी एवं विभिन्न केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के अनुदान में करीब 11 हजार 826 करोड़ रूपए की संभावित कटौती का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि इस कटौती के कारण राज्य के विकास कार्याें पर असर पड़ रहा है।

श्री धारीवाल मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर इस बैठक में जीएसटी एवं सीएसटी में की गई कटौती के संबंध में राज्य का पक्ष रख रहे थे। उन्होंने कहा कि केन्द्र द्वारा करों की हिस्सा राशि एवं अनुदान में कमी को देखते हुए राज्य में विकास कार्याें की प्राथमिकताओं का पुनर्निर्धारण किया जाना आवश्यक हो गया है। उन्होंने सीएसटी की 4 हजार 478 करोड़ रूपए की लम्बित क्षतिपूर्ति राशि, चालू वित्तीय वर्ष में राज्य को केन्द्रीय करों से मिलने वाली हिस्सा राशि के लगभग 4 हजार 172 करोड़ रूपये तथा विभिन्न केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के अनुदान में करीब 3 हजार 176 करोड़ रूपये की सम्भावित कटौती की राशि जल्द जारी करने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि केन्द्रीय विक्रय कर अधिनियम, 1956 के तहत सी-फार्म पर बिक्री पर कर की दर में की गई कमी की क्षतिपूर्ति का भुगतान केन्द्र सरकार द्वारा राज्योें को किया जाता है। वर्तमान में 4 हजार 478 करोड़ रूपए की क्षतिपूर्ति राशि केन्द्र के स्तर पर लम्बित है। श्री धारीवाल ने यह राशि शीघ्र जारी करने का अनुरोध करते हुए कहा कि सी-फार्म पर बिक्री पर कर की दर पुनः 4 प्रतिशत की जाए।

नगरीय विकास मंत्री ने सीएसटी एक्ट में संशोधन की मांग करते हुए कहा कि सी-फार्म मात्र वस्तुओं के पुनर्विक्रय के लिए ही लागू होना चाहिए, जिससे कोई भी व्यवहारी इसका अनुचित उपयोग नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने से पूर्व राज्य को कतिपय वस्तुओं पर प्रवेश कर लगाने की अनुमति थी लेकिन प्रवेश कर अधिनियम जीएसटी में शामिल होने के बाद राज्य को राजस्व की सीधी हानि हो रही है।

श्री धारीवाल ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में राज्य को केन्द्रीय करों से मिलने वाली हिस्सा राशि में लगभग 4 हजार 172 करोड़ रूपए तथा विभिन्न केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के अनुदान में करीब 3 हजार 176 करोड़ रूपये की कटौती सम्भावित है। इस प्रकार सीएसटी की क्षतिपूर्ति को मिलाकर करीब 11 हजार 826 करोड़ रूपए केन्द्र द्वारा रोके जाने से राज्य के विकास कार्यों पर विपरीत असर पड़ रहा है।  

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