Sunday, February 23rd, 2020

एलर्जी की दशा में स्वयं उपचार लेना खतरनाक

imagesआई एन वी सी न्यूज़ लखनऊ, डा0 अमृतराज के अनुसार, यदि आप के गले में झनझनाहट हो तो यह एलर्जी हो सकती है। प्रायः एलर्जी की पुष्टि बिना टेस्ट के नहीं हो सकती है, अतः इम्यूनोलाॅजिस्ट की सलाह पर 6 ‘आई0जी0ई0’ टेस्ट करवायें। इसके उपरान्त, कुछ अन्य टेस्ट से यह स्पष्ट हो जायेगा कि आपको किस चीज विशेष से एलर्जी है। एलर्जी को चिकित्सकीय भाषा में हाईपरसेंस्टीविटी कहते है। चिकित्सा विज्ञान में इम्यूनोलाॅजी में शरीर के रोग प्रतिरोधी प्रणाली के बारे में कार्य किया जाता है। ‘एलर्जी’ दरअसल, शरीर की रोग प्रतिरोधी प्रणाली की प्रक्रिया होती है, जिसमें  वह किसी प्रदूषण, खाद्य पदार्थ, पहनने की वस्तुएं, धूल या जानवरों के बाल आदि जैसी चीजों को अस्वीकार कर देता है। एलर्जी किसी को भी हो सकती है। अलग-अलग लोगों को अलग-अलग चीजों से एलर्जी होती है, जो उनकी शरीर की रोग प्रतिरोधी प्रणाली, आनुवंशिकी और जैविक बनावट पर निर्भर करती है। प्रायः एलर्जी चार प्रकार की होती है-टाइप-एक, इस एलर्जी में प्रतिकूल चीजों को खाते या संपर्क में आते ही आपका शरीर प्रतिक्रिया करने लगता है, टाइप दो-तीन में, शरीर कुछ देर बाद प्रतिक्रिया देता है और लक्षण कुछ समय बाद दिखाई देता है। टाइप-प एलर्जी अंग प्रत्यारोपण से होती है। कई बार अगर लोगों को खून चढ़ाने के पहले खून को मिलाने की जांच नहीं की है, तो एलर्जी हो सकती है। अगर आपको एलर्जी है और यह पता है कि किस चीज से एलर्जी है तो बचाव ही इसका सबसे अच्छा तरीका हैं कई लोगों को पता नहीं होता है कि उन्हें किस चीज से एलर्जी है, ऐसे में पीड़ित व्यक्ति को इसकी जांच कराकर, इसका पता शीघ्र लगाना चाहिए। कई प्रकार की एलर्जी ऐसी होती हैं, जिनका असर दवाईयों से कम किया जा सकता है। इसमें, अस्थमा जैसी बीमारियां भी शामिल हैं। यदि आपको एलर्जी के लक्षण हों यह शरीर में किसी अन्य कारण से भी दिखाई दे सकते हैं इसलिए आप खुद से तय न करें कि आपकों एलर्जी है या नही चिकित्सक के पास जाएं और जांच कराये और रिपोर्ट के आधार पर उपचार करायें, स्वयं अपने आप उपचार न लें, अन्यथा खतरा बढ़ सकता है।

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