Thursday, November 14th, 2019
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ऊर्जा राज्यमंत्री ने ली अधिकारियों की बैठक फील्ड में जाकर विद्युत सुधार कार्यक्रमाें को प्रभावी बनाएं : पुष्पेन्द्र सिंह राणावत

पुष्पेन्द्र सिंह राणावतआई एन वी सी न्यूज़ जयपुर, प्रदेश के ऊर्जा राज्य मंत्री पुष्पेन्द्र सिंह राणावत ने कहा कि अधिकारी फील्ड में जाकर विद्युत सुधार कार्यक्रमाें की प्रभावी क्रियान्विति देखें। इस कार्य को गंभीरता से लें। ताकि उपभोक्ता को अधिक से अधिक राहत मिलें, वहीं निगम की राशि का भी सही उपयोग हो सके। ऊर्जा राज्य मंत्री शनिवार को अजमेर डिस्कॉम के कॉर्पोरेट कार्यालय सभागार मे आयोजित निगम के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब सभी अधिकारियों को चाहे वह कॉर्पोरेट कार्यालय में बैठा हो उसे भी अब फील्ड में जाकर विद्युत सुधार के कार्याें को देखना होगा। अधिकारी को प्रत्येक 15 दिवस में अपने गोद लिए क्षेत्र में जाकर कार्यो को देखना होगा। ऊर्जा राज्य मंत्री ने कहा कि निगम के बढ़ते घाटे को कम करने के लिए हमें अधिक मेहनत से कार्य करना होगा। इसके लिए अधिकारियों की कार्य के आधार पर जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। इसके लिए सभी अपने जिले के कार्य को व्यक्तिशः देखें। वे उपभोक्ता के  साथ मित्रता पूर्ण व्यवहार करें। डिस्कॉम के खर्चे कम करें तथा बिजली चोरी रोकने के लिए समझाईश करते रहें। उन्होंने कहा कि एफआईपी के तहत किए जाने वाले कायोर्ं की अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से भी जांच कराई जा सकती है, ऎसे में कार्य सही हो इसे भी देखें। उन्होंने अधिशाषी अभियंताओं को भी निर्देश दिए कि वे एफआईपी के तहत कराए गए कार्यों की जानकारी पंचायत समिति की बैठकों में जाकर भी देखें। उन्होंने बताया कि डिस्कॉम आपके द्वार अभियान के तहत तीनों डिस्कॉम में 2.84 लाख कनेक्शन जारी कर उपभोक्ताओं को राहत दी गई थी। उन्होंने बकाया घरेलू कनेक्शन भी शीघ्र देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बकाया कृषि कनेक्शन जिनके डिमाण्ड नोटिस जमा हो गए है उन्हें प्राथमिकता से कनेक्शन दें। वहीं खराब एवं बंद पडे़ मीटर प्राथमिकता से बदलें जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि मीटर रीडिंग की क्रोस चैकिंग के लिए अधिकारी फील्ड में जाएं तो मीटर रीडिंग भी चैक करें। ऊर्जा राज्य मंत्री ने कहा कि अधिक लोसेज वाले फीडरों को प्राथमिकता से हाथ में लेकर बिठूर मॉडल की तरह सुधार कार्य करवाए जा रहें हैं। निगम का लोस कम करना अभी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में प्रबंध निदेशक श्री डी. के. शर्मा ने बताया कि बिठूर मॉडल की तरह निगम में अधिक लोसेज वालें 150 जीएसएस को चिन्हित कर इनकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट बना दी गई है। जिनमें शीघ्र कार्यादेश जारी कर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं की विद्युत संबंधी समस्याओं का समाधान करने के लिए विद्युत चौपालों का आयोजन भी किया जा रहा है। उन्होंने सभी से निगम में राजस्व वृद्धि एवं लोसेज कम करने के लिए गंभीरता से कार्य करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर निदेशक (वित्त) श्री एस. एम. माथुर, मुख्य, संभागीय मुख्य अभियंता श्री बी. एस. रत्नू (अजमेर जोन), श्री एन. एस. सहवाल (उदयपुर जोन), मुख्य लेखाधिकारी श्री बी. एल. शर्मा (एटीबी), श्री एम.के. जैन (राजस्व), मुख्य अभियंता (आई.टी.) श्री आर. पी. सुखववाल सहित समस्त अधिकारी उपस्थित थे।

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