Monday, December 16th, 2019

ऊंच-नीच, छुआछूत, भेदभाव और जातिवाद से ऊपर मानवता

आई एन वी सी न्यूज़
रायपुर,

श्री गुरूनानक देव जी ने ऊंच-नीच, छुआछूत, भेदभाव और जातिवाद से ऊपर उठकर मानवता का संदेश दिया है, उसे अमल में लायें। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज बिलासपुर के गुरूनानक स्कूल परिसर में श्री गुरू नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

   
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि समाज में जब कुरीतियां व्याप्त थी, ऐसे समय में गुरूनानक जी का अवतरण हुआ। वे बाल्यकाल से ही चिंतन, मनन करने वाले और मानवता के प्रति अगाध श्रद्धा उनके मन में रही है। छुआछूत को छोड़ सब एक साथ एक ही पंगत में भोजन करें, इसलिये लंगर प्रथा शुरू की। उन्हांेने अज्ञानता के खिलाफ संदेश दिया। गुरूनानक देव जी एक मात्र ऐसे संत थे, जिन्होंने काफी लंबी दूरी पद यात्रा की और समानता, भाईचारा और प्रेम का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सब एक ही ईश्वर के संतान हैं, इसमें भेदभाव नहीं होना चाहिये। समाज की समृद्धि, सुख, शांति के बिना संभव नहीं है। गुरू नानक देव जी ने एक सहज, सरल और संगठित समाज की नींव रखी। जिसमें जात-पांत और अमीर-गरीब के भेद को मिटाया।
    मुख्यमंत्री ने बताया कि करतारपुर की यात्रा के लिये प्रदेश सरकार की तरफ से व्यवस्था की गई है। इच्छुक व्यक्ति इस यात्रा में जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने बिलासपुर में श्री गुरूनानक देव जी के 550वें प्रकाश उत्सव पर आयोजित शानदार कार्यक्रम के लिये बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में श्री गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह दुआ ने प्रकाश पर्व के संबंध में जानकारी देते हुए गुरू सिंह सभा एवं सिख समाज द्वारा पिछले एक वर्ष में जनकल्याण के लिये आयोजित कार्यक्रम की जानकारी दी। कार्यक्रम में विधायक श्री शैलेष पाण्डेय, श्री मोहन मरकाम एवं श्रीमती रश्मि सिंह, महाधिवक्ता श्री सतीशचन्द्र वर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा एवं बड़ी संख्या में सिख समाज के लोग मौजूद थे।
 

रायपुर : मुख्यमंत्री शामिल हुए गुरूनानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व में :  सिख समाज ने मुख्यमंत्री को सरोपा भेंट कर किया स्वागत


मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज यहां राजधानी रायपुर के खालसा स्कूल में आयोजित गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व में शामिल हुए। उन्होंने गुरू ग्रन्थ साहिब में मत्था टेका और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को प्रकाश पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी।

       मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि गुरुनानक देव महान संत थे जिन्होंने जीवन जीने की कला सिखलाई। उन्होंने प्रेम, सदाचार, भाईचारा और समानता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने गुरुनानक देव के जीवन से जुड़े प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरुनानक देव जी ने जो खरा सौदा किया वही आज लंगर के रूप में प्रसिद्ध है।

        मुख्यमंत्री ने सिख समाज की प्रशंसा करते हुए कहा कि सिख समाज की पहचान एक जिंदा दिल कौम के रूप में है। हर परिस्थिति में कैसे खुश रहा जा सकता है उनसे सीखा जा सकता है। इस अवसर पर गुरूदारा प्रमुख श्री दिलीप सिंह होरा, विधायक श्री कुलदीप जुनेजा, श्री कृपाल सिंह होरा, श्री निरंजन सिंह खनूजा, श्री इन्द्रजीत सिंह छावड़ा और प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का शॉल, श्रीफल और सरोपा भेंट कर स्वागत किया।

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