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Wednesday, December 8th, 2021

उत्तर राज्य लेगी पाण्डेय के विरुद्ध विभागीय जांच की क्षति वसूली

आई.एन.वी.सी,, लखनऊ,, उत्तर प्रदेश के उद्यान विभाग के कार्यकलापों के सम्बन्ध में जिला उद्यान  अधिकारी, श्री चन्द्र भूषण पाण्डेय द्वारा उठाये गये बिन्दुओं पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि श्री पाण्डेय के विरुद्ध विभागीय जांच चल रही है और उनसे 16,500 रुपये की वित्तीय क्षति वसूलने का निर्णय भी लिया गया है। इसके कारण ही श्री पाण्डेय उद्यान विभाग के विरुद्ध अनाप-शनाप बयानबाजी करके विभाग की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि क्रय संबंधी निर्णय उद्यान मंत्री के स्तर से नहीं लिये जाते हैं। औद्यानीकरण योजनाओं के लिए सामग्री का क्रय प्रदेश एवं केन्द्र सरकार तथा सहकारिता की प्रतिष्ठित संस्थाओं के माध्यम से वित्तीय नियमों के अनुरूप प्रक्रिया अपनाकर ही किया जाता है और इस कार्य में भरपूर पारदर्शिता रखी गयी है। इस वर्ष ग्लैडियोलाई बल्ब तथा लोटनल जैसी सामग्रियों का क्रय निजी कम्पनियों से भी नियमानुसार किया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि उद्यान विभाग के जिला उद्यान अधिकारी श्री चन्द्रभूषण पाण्डेय को 05 अगस्त, 2011 के शासनादेश द्वारा जिला उद्यान अधिकारी, भदोही (संतरविदासनगर) के पद पर स्थानान्तरित किया गया था तथा उन्हें निदेशक, उद्यान द्वारा 09 अगस्त, 2011 को कार्यमुक्त भी कर दिया था परन्तु उन्होंने अभी तक अपने नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। प्रवक्ता ने बताया कि श्री पाण्डेय के कथित इस्तीफे की मूल हस्ताक्षरित प्रति भी नहीं प्राप्त हुयी है। जनवरी, 2009 में श्री चन्द्रभूषण पाण्डेय के विरुद्ध जाँचोपरान्त 16,500 रुपये की वित्तीय क्षति वसूलने तथा परिनिन्दित करने का निर्णय हुआ था। इसके अतिरिक्त इनके विरुद्ध अधिक धनराशि की सामग्री क्रय करने एवं अन्य अनियमितताओं के लिए विभागीय जाँच भी प्रचलित है।  प्रवक्ता ने बताया कि उद्यान विभाग के उद्यान विकास शाखा में अधिकारियों की कमी के दृष्टिगत कार्यहित में कुछ स्थानों पर अधिकारियों को एक से अधिक प्रभार  दिये गये हैं और कतिपय जनपदों में अधीनस्थ अधिकारियों को कार्य करने के लिए अधिकृत किया गया है। इस प्रकार की वैकल्पिक व्यवस्था में अधिकांश रिक्त पदों पर उद्यान विकास शाखा के कर्मी ही लगाये गये हैं।

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