Thursday, July 9th, 2020

उत्तराखण्ड : बिजली उपभोक्ताओं को मिली बङी राहत


आई एन वी सी न्यूज़
देहरादून  ,


मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने दिए निर्देश
     किसानों, उद्योगों व वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों की मांग और लॉकडाऊन की कठिनाईयों को देखते हुए बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देश पर कई अहम निर्णय लिए गए हैं।

निजी नलकूप श्रेणी में विलम्ब भुगतान अधिभार में छूट, 20 हजार किसानों को लाभ
     30 जून तक बिल का भुगतान करने वाले निजी नलकूप श्रेणी के उपभोक्ताओं को विलम्ब भुगतान अधिभार में छूट दी जा रही है। इससे 20 हजार किसानों को लाभ होगा। इसमें आने वाले 3 करोङ 64 लाख रूपये के वित्तीय भार का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।

2 लाख 70 हजार औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को लाभ
     औद्योगिक और वाणिज्यिक श्रेणी के उपभोक्ताओं से मार्च 2020 से मई 2020 तक, की गई बिजली खपत के सापेक्ष फिक्सड / डिमान्ड चार्ज की वसूली स्थगित की जा रही है। इसमें विलम्ब भुगतान अधिभार से छूट दी जाएगी। इससे 2 लाख 70 हजार उपभोक्ताओं को लाभ होगा। इस पर आने वाले लगभग 8 करोड़ रूपए के वित्तीय भार का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।

25 लाख बिजली उपभोक्ताओं को ऑनलाइन भुगतान पर एक प्रतिशत की छूट
     सभी श्रेणियों के जो बिजली उपभोक्ता देय तिथि तक बिल का ऑनलाइन भुगतान करते हैं, उन्हें वर्तमान बिल की राशि में 1 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। जिसमें एचटी उपभोक्ताओं को अधिकतम एक लाख तथा एलटी उपभोक्ताओं को अधिकतम 10 हजार रूपए की छूट प्रदान की जाएगी। इस पर आने वाले प्रतिमाह लगभग दो करोड़ के व्यय का वहन यूपीसीएल द्वारा किया जाएगा। इससे 25 लाख उपभोक्ताओं को लाभ होगा।

भुगतान न कर पाने पर 30 जून तक बिजली कनेक्शन काटने पर रोक
     विद्युत उपभोक्ताओं के व्यापक हित में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 30.6.2020 तक किसी भी श्रेणी के उपभोक्ता का विद्युत संयोजन विद्युत देयों के भुगतान नहीं किए जाने की दशा में काटे नहीं जाने के भी
 
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में अपने मंत्रिपरिषद् के साथ देश में लॉक डाउन से उत्पन्न परिस्थितियों पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में अपने मंत्रिपरिषद् के साथ देश में लॉक डाउन से उत्पन्न परिस्थितियों पर चर्चा की। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री मदन कौशिक, श्री सतपाल महाराज, डॉ हरक सिंह रावत, श्री सुबोध उनियाल, राज्य मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत एवं श्रीमती रेखा आर्या उपस्थित रहे। कैबिनेट मंत्री श्री यशपाल आर्य हल्द्वानी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसमें सम्मिलित हुए। राज्य की वर्तमान हालातों पर सभी मंत्रीगणों द्वारा अपने विचार एवं सुझाव रखे गए।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र ने कहा कि इस आपदा को अवसर के रूप में किस प्रकार बदला जाए हमें इस दिशा में गंभीरता से सोचना होगा। उन्होंने कहा कि लॉक डाउन की स्थिति के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी होने वाले निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में तदनुसार ही कार्य योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते हालात में अर्थव्यवस्था को किस प्रकार मजबूती प्रदान की जाए इसकी भी हमारे सामने चुनौती है। उन्होंने कहा कि इस दौरान बङी संख्या में लोग अपने घरों को लौटे हैं। ये लोग रिवर्स माइग्रेशन की ओर अग्रसर हों, इसके लिए एक अध्ययन रिपोर्ट तैयार करने के लिए पलायन आयोग को निर्देश दिए जा रहे हैं। आयोग इनसे वार्ता कर उनसे सुझाव भी प्राप्त करेगा। यहां लौटे लोगों को यहां पर बेहतर संसाधन एवं सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें रोका जा सकता है, पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने में यह कारगर प्रयास होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष में अधिक से अधिक सहयोग हेतु लोगों को प्रेरित किए जाने की जरूरत है। इस धनराशि से हम प्रदेश की जनता की बेहतरी के लिए भी कार्ययोजना बना सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के कठिन दौर में जो लोग खाद्यान्न की कालाबाजारी करेंगे उनके विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं लॉक डाउन के दौरान सरकार द्वारा सामूहिक निर्णय लिए जाएंगे। इस संबंध में कोई भी विभाग अपने स्तर से किसी भी प्रकार का आदेश निर्गत नहीं कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम में तैनात सभी लोगों के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष से 10 लाख की सम्मान निधि की व्यवस्था की गई है। इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है जो इससे संबंधित प्रकरणों को देखेगा तथा किसी अनहोनी की स्थिति में उनके आश्रितों को यह धनराशि प्रदान करने की संस्तुति करेगी।
 मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं के व्यापक हित में भी कई निर्णय लिए गए हैं जिससे किसान, उद्यमी, व्यवसाय एवं आम उपभोक्ताओं को काफी सहूलियत होगी।

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