Friday, February 28th, 2020

उच्च न्यायालय नें खेल मत्रांलय (भारत सरकार), दिल्ली सरकार और BCCI को नोटिस देते हुए 14 अगस्त, 2013 को उच्च न्यायालय के समक्ष पेष होने का आदेष दिया

cricket corrouption and bcciआई एन वी सी, पंजाब, कुलदीप सिंह भोगल, अध्यक्ष समाजिक एवं मानवीय कार्य संघ नें अपने वकील राहुल राज मलिक द्वारा नई दिल्ली उच्च न्यायालय में 20 मई 2013 को PIL याचिका दायर की है। याचिका 21 मई, 2013 को सूचीबद्ध हुई और उसकी सुनवाई 22 मई 2013 तक के लिए स्थगित कर दी गई। इसी बीच उच्चतम न्यायालय में कोई और PIL (जो कि PIL को प्रतिबंधित करने के सम्बन्ध में थी) दर्ज की गई, जिसके चलते कुछ तथ्य सामने आए। इन तथ्यों को मद्देनजर रखते हुए याचिकाकर्ता को अपनी याचिका में सषांेधन करने का आदेष दिया। याचिकाकर्ता सोसायटी ने सषोंधन PIL माननीय उच्च न्यायालय (दिल्ली) में 29 मई 2013 में पेष की, जिसकी सुनवाई 31 मई, 2013 को सूचीबद्ध हुई। आज 31 मई, 2013 को उच्च न्यायालय नें खेल मत्रांलय (भारत सरकार), दिल्ली सरकार और BCCI को नोटिस देते हुए 14 अगस्त, 2013 को उच्च न्यायालय के समक्ष पेष होने का आदेष दिया है। हमने अपनी याचिका में माननीय कोर्ट से विशिष्ट अर्जी की है:-

  1. प्रयोंजन विषेष के लिए अधिकृत करें, निर्देश दे या पथ प्रदर्शन करे, खेल मत्रांलय, भारतीय गणतंत्र को कि वे, BCCI को भारतीय खेल संघ सूचित करें BCCI के अधिकार क्रिकेट से संबधित (जिसमें PIL भी शामिल है) वापिस ले लिए जाए, या एक नया भारतीय खेल संघ बनाया जाए जो क्रिकेट या क्रिकेट से संबधित सभी दृष्टिकोण को देखेगा।
  2. भारतीय संघ को निर्देश दें, उन सब लोगों के खिलाफ, जो कि सट्टेबाजी, मैच फिक्सिंग और दूसरे गैरकानूनी कार्यो में लिप्त है। उचित अभियान या मुकदमा चलाए।
  3. कि सेवानिवृत न्यायाधीशों, प्रतिष्ठित खेल संभ्रात व्यक्तियों, बुद्वजीवियों और ऐसे ही व्यक्तियों को मिला कर एक न्यायिक समिति का गठन करा जाए। यह समिति क्रिकेट के खेल का सुचारु रुप से चालन करने के लिए कठोर नियम, कानून और अधिनियम पेश कर सकती है।
  4. एक फास्ट ट्रैक्ट कोर्ट की नियुक्ति की जाए जो दिल्ली सरकार द्वारा आरोपी व्यक्तियों को जल्द से जल्द सजा सुनाए या कोर्ट द्वारा जो भी सही और पूर्ण हो उसको लागू किया जाए।
  5. माननीय कार्ट प्रयोजन विशेष के लिए निर्देश या सुझाव पेश करें, जो भी इन हालातों या बातो के लिए उपयुक्त हो, कानूनन सही भी है।

इन सब मुद्दों को मद्दे नजर रखते हुए और हाल ही में 28 मई 2013 को प्रैस-काँफ्रेस में डण्ैण् धोनी के बर्ताव को देखते हुए याचिकाकर्ता सोसाईटी ने अंतरिम याचिका भी दर्ज की और निम्नलिखित मुद्दो पर सुनवाई की मांग की। डण्ैण् धोनी का मिडिया द्वारा करे गए प्रश्नों का जवाब न देना व मैच फिक्सिंग प्रकरण से संबधित किसी भी बात का जिक्र न करना संदेहजनक रुप से देश को धोखा देने के बराबर है। ंद्ध दिल्ली सरकार को निर्देश दिया जाए, अंडरवर्ड माफिया, क्रिकेट खिलाड़ियो, सट्टेबाजो, दलालों के बीच की साठगांठ, और हवाला से संबधित लोगों की तहकीकात करें। इद्ध भारतीय गणतंत्र को एक समिति गठन करने का निर्देश दें जो ठब्ब्प्, भारतीय क्रिकेट टीम, और उन दोनों की कार्यवाही पर नजर रखें। बद्ध ठब्ब्प् अनुशासित समिति या ऐसी समर्थ समिति को निर्देश दे, कि वह ठब्ब्प् अध्यक्ष से इस्तीफे की माँग करे। कद्ध माननीय कोर्ट कोई भी और निर्देश या आदेश जारी करे जो कि इन तथ्यों या हालातों के लायक हो।

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