संजय अरोड़ा

नई दिल्ली.  भारतीय मौसम विभाग ने दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) के लिए ताज़ा दीर्घावधिक अनुमान लगाया है कि वर्षा सामान्य से कम ही रहेगी। मात्रात्मक रूप से देशभर में मानसून की कुल वर्षा दीर्घावधिक औसत के 93 प्रतिशत के बराबर हो सकती है। इसमें 4 प्रतिशत कमी या बढ़ोतरी हो सकती है। वर्ष 1941-90 के लिए यह औसत 89 सेंटीमीटर है।

जुलाई महीने के लिए देशभर में कुल वर्षा के दीर्घावधिक औसत का 93 प्रतिशत होने की आशा है और अगस्त के महीने में इसके 101 प्रतिशत होने की संभावना है। इस अनुमान में 9 प्रतिशत की कमी या बढ़ोत्तारी हो सकती है। इस बात की घोषणा केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री पृथ्वीराज चौहान ने आज नई दिल्ली में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में की।

देश के चार विस्तृत भौगोलिक क्षेत्रों के लिए वर्षा अनुमान के मुताबिक उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में इसके दीर्घावधिक औसत की 81 प्रतिशत, पूर्वोत्तर क्षेत्र में इसके दीर्घावधिक औसत की 92 प्रतिशत,  मध्य क्षेत्र में इसके दीर्घावधिक औसत की 99 प्रतिशत और दक्षिण प्रायद्वीप में इसके दीर्घावधिक औसत की 93 प्रतिशत रह सकती है.  इस अनुमान में 8 प्रतिशत की कमी या बढ़ोतरी हो सकती है।

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