Wednesday, February 26th, 2020

इस्पात एवं स्टील उद्योग को बड़ी राहत : सुखबीर सिंह बादल द्वारा नए वैट ढांचे को स्वीकृति

  • वैट 4.95 प्र ितशत घटाकर 2.5 प्रतिशत किया
  • पहली फरवरी से लागू होगा नया वैट ढांचा
  • पड़ोसी राज्यों से मुकाबले के समर्थ होगा इस्पात एवं स्टील उद्योग
imagesआई एन वी सी,
चंडीगढ़,
पंजाब के उप-मुख्यमंत्री स.सुखबीर सिंह बादल द्वारा राज्य की  इस्प ात एवं स्टील उद्योग को बड़ी राहत देते हुए नया वैट ढांचा लागू करने को स्वीकृति  दे दी गई है, जिस तहत इस उद्योग पर वैट को वर्तमान 4.95 प्रतिशत से घटाकर 2.5 कर दिया गया है।
आज यहां इस्पात एवं स्टील रोलिंग मिलों, ऑल इंडिया री-रोलिंग मिलोँ, पाईप निर्माताओं आदि के प्रतिनिधियों द्वारा उप-मुख्यमंत्री से विशेष बैठक दौरान स.बादल ने  कहा कि पंजाब सरकार का मुख्य उद्धेश्य इस्पात एवं स्टील उद्योग को पैरों पर खड़े करना है, जिस के लिए नई व्यवस्था पहली फरवरी से लागू कर दी जाएगी।
इस नए टैक्स ढांचे तहत स्क्रैप /मैलटिंग व रोलिंग/, इन्गोटस, बिलैटस, बलूमस व अन्य अर्ध तैयार वस्तुएं, तैयार सामान एवं अंतरराज्य वैट को 4.95 से घटाकर 2.5 प्रतिशत कर दी गई है। जिससे पंजाब का उद्योग पड़ोसी राज्यों के उद्योगों से मुकाबला करने के सक्षम हो जाएगा जो पहले ही टैक्सों में बड़ी  राहत हासिल कर रही हैं।
इस अवसर पर उद्योगपतियों के शिष्टमंडल की प्रतिनिधिता कर रहे जोगिंदर पाल सिंगला, देवी दयाल पराशर, विनोद वशिष्ट, मोहिंदर गुप्ता सहित समूह उद्योगपतियों ने उप-मुख्यमंत्री द्वारा उनकी मांगें स्वीकार करने पर धन्यवाद किया। उद्योगपतियों की मांग पर स.बादल ने इस्पात एवं स्टील उद्योग, जिसमें तैयार वस्तुएं भी शामिल हैं, पर एडवांस टैक्स लागू करने को भी मंजूरी दे दी है।
इन्पुट टैक्स क्रेडिट /आई टी सी/ की चोरी  को पूरी तरह रोकने के लिए यह भी फैसला किया गया कि आई टी सी को दो चरणों तक सीमित कर दिया जाए। लघु स्टील रोलिंग मिलों एवं फर्निश़ मिलों को भी बड़ी राहत देते हुए उनके वैट को बिजली के प्रयोग एवं उत्पादन से जोडऩे के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है। जिस तहत रोलिंग मिलों के लिए बिजली के 1250 यूनिटों का प्रयोग  से एक मीट्रिक टन तैयार वस्तुओं का उत्पादन जबकि फरनेश़ यूनिटों के लिए 750  यूनिटों के प्रयोग पर 1 मीट्रिक टन उत्पादन करना होगा। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नए फैसले से जहां टैक्स चोरी को नकेल पड़ेगी वहीं राज्य में कच्चे माल की आवक को उत्साह मिलने से उत्पादन भी बढ़ेगा।
जिक्रयोग्य है कि इस्पात एवं स्टील उद्योग से वर्ष 2012-13 दौरान कुल 1091 करोड़ रूपए टैक्स एकत्र हुआ था, जिसमें से 403 करोड़ रूपए वैट रिफंड के तौर पर देकर शेष कुल श़ुद्ध टैक्स 688 करोड़ रूपए था। स.बादल ने बताया कि नए ढांचे से पंजाब सरकार को चाहे 185 करोड़ रूपए के टैक्स का नुकसान होगा परंतु लम्बे समय दौरान उद्योग के पुन:उत्थान से राज्य को कर लाभ होने के साथ-साथ इस्पात एवं स्टील केउत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी।
स.बादल ने साथ ही एलान किया कि पंजाब कैबिनट द्वारा जनवरी माह में होने वाली बैठक में इस नए ढांचे को स्वीकृति देने उपरांत फरवरी 2014 से इसे लागू कर दिया जाएगा। इस बैठक में अन्य के अतिरिक्त सचिव कराधान एवं आबकारी श्री डी पी रेड्डी, आयुक्त कराधान एवं आबकारी  श्री अनुराग वर्मा, विशेष प्रधान सचिव उप-मुख्यमंत्री श्री अजय महाजन भी उपस्थित थे।

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