Saturday, April 4th, 2020

इग्नू के उत्तरी क्षेत्र के क्षेत्रीय निदे’ाकों की दो दिवसीय बैठक प्रारम्भ

INVC-NEWSआई एन वी सी न्यूज़ लखनऊ, इन्दिरा गाँधी रा’ट्रीय मुक्त वि”वविद्यालय के उत्तरी क्षेत्र में संचालित क्षेत्रीय केन्द्रों के क्षेत्रीय निदेशकों की दो दिवसीय बैठक का उद्घाटन 2 सितम्बर 2016 को इग्नू के कुलपति प्रो0 रवीन्द्र कुमार के करकमलों द्वारा किया गया। इस बैठक में 14 क्षेत्रीय केन्द्र क्रम”ाः श्रीनगर, जम्मू, शिमला, करनाल, चण्डीगढ़, खन्ना, दिल्ली-1, 2, 3, देहरादून, नोएडा, अलीगढ़, वाराणसी एवं लखनऊ के क्षेत्रीय निदेशक उपस्थित रहे। यह बैठक इग्नू के क्षेत्रीय सेवा प्रभाग के तत्वावधान में आयोजित की जा रही है तथा यह इस वर्’ा की प्रथम बैठक है। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रो0 रवीन्द्र कुमार, कुलपति इग्नू ने दीप प्रज्जवलित कर एवं माँ सरस्वती को माल्यार्पण करके किया। डाॅ0 मनोरमा सिंह, क्षेत्रीय निदेशक, इग्नू लखनऊ ने सभी अतिथियों एवं इस बैठक के प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए लखनऊ क्षेत्रीय केन्द्र द्वारा पिछले कुछ वर्’ाों में उच्च शिक्षा के माध्यम से ग्रामीण अंचल तक पहुँचने के इग्नू के प्रयास का लेखा जोखा प्रस्तुत किया। डाॅ0 वी0 वेणुगोपाल रेड्डी, निदेशक, क्षेत्रीय सेवा प्रभाग, इग्नू नई दिल्ली ने अपने अभिभा’ाण में क्षेत्रीय निदेशकों का क्षेत्रीय केन्द्र लखनऊ के नवीन परिसर में स्वागत किया एवं कुलपति महोदय का क्षेत्रीय बैठकों एवं इग्नू के अकादमिक परामर्शदाताओं हेतु दूरस्थ शिक्षा के उन्मुखीकरण कार्यक्रम पुनः प्रारम्भ करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। डाॅ0 रेड्डी ने सभी क्षेत्रीय निदेशकों द्वारा किये जा रहे उत्कृ’ट प्रयासों एवं दूरस्थ शिक्षा को सुदूर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पहुँचाने के प्रयास को सराहा। प्रो0 रवीन्द्र कुमार, कुलपति इग्नू ने अपने अध्यक्षीय भा’ाण में कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय का सफल संचालन साझा प्रयासों से किया जा सकता है जिसे शून्य संघर्’ा द्वारा प्राप्त किया जा सकता हैै। उन्होने कहा कि इग्नू के विभिन्न विभागों द्वारा छात्रों की समस्याओं का समाधान हेतु एक सुदृढ़ व्यवस्था का निर्माण किया गया है जिसके लिए इग्नू के कई स्थानों पर प्रशंसा की जाती है। उन्होने यह भी कहा कि क्षेत्रीय केन्द्रों को उस क्षेत्र के शिक्षार्थियोंं का सम्पूर्ण सर्वेक्षण करना चाहिए जिससे यह पता चल सके कि छात्रों की अभिरूचि किस व्यवसाय या क्षेत्र में है जिसके अनुरूप इग्नू के नई दिल्ली स्थित विद्यापीठों द्वारा अकादमिक कार्यक्रमो ंका सृजन किया जा सके। यह आज की नितान्त आवश्यकता है कि जमीन से उठी आवश्यकताओं के अनुसार, रोजगारपरक या उससे मिलते जुलते अवसर प्रदान करने वाले अकादमिक कार्यक्रम बनाये जायें जो उभरते हुए नये भारत के मानव संसाधन को सुदृढ़ एवं सशक्त बना सके। उन्होने यह भी कहा कि हमें प्रयास करना चाहिए कि हर घर के एक व्यक्ति को उच्च शिक्षा से इग्नू के माध्यम से जोड़ा जाये जिससे मानव संसाधन के क्षेत्र में अकल्पनीय ऊँचाईयों को देश एवं समाज प्राप्त कर सकें। उन्होने यह भी जानकारी दी कि इग्नू को एम.फिल एवं पी0एच0डी0 को पुनः प्रारम्भ करने की अनुमति मिल गई है और यह कार्यक्रम शीघ्र ही प्रारम्भ कर दिया जायेगा जिससे शोध में रूचि रखने वाले छात्रों एवं अन्य व्यक्तियों को लाभ होगा। कुलपति महोदय ने यह भी बताया कि एक महत्वपूर्ण निर्णय के अनुसार अब इग्नू को अंशकालिक डिप्लोमा एवं सार्टिफिकेट कार्यक्रमों का सृजन एवं संचालन करने हेतु यू0जी0सी के अनुमोदन की आव”यकता नही है जिसके माध्यम से क्षेत्रीय आवश्यकताओं को ध्यान रखते हुए व्यवसायिक तथा रोजगारपरक अकादमिक कार्यक्रमों का निर्माण किया जा सके। इस अवसर पर एक प्रेस वार्ता का भी आयोजन किया गया, जिसमें पत्रकारों से बात करते हुए कुलपति महोदय ने बताया कि इग्नू को चार डी.टी.एच. चैनल्स प्रदान किये गये हैं, जो कि फ्री टू एअर हैं तथा इन पर शिक्षा के अनेक अकादमिक कार्यक्रम 24ग्7 प्रसारित किये जायेंगे। कुलपति महोदय ने यह भी बताया कि ज्ञानदर्शन चैनल शीघ्र ही प्रदान किया जायेगा और उसके पश्चात शैक्षणिक एफ.एम. रेडियो ज्ञानवाणी भी पूर्व की भांति संचालित किया जायेगा। इग्नू के पाठ्य सामग्री की विशेषता एवं गुणवत्ता बताते हुए प्रो0 रवीन्द्र ने कहा कि यह सामग्री ई-ज्ञान कोश पर भी उपलब्ध इसे कोई भी इच्छित व्यक्ति डाऊनलोड कर सकता है। ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के प्रसार हेतु प्रत्येक इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र उन्नत भारत अभियान के अन्तर्गत 5 से 7 गांवों को अंगीकृत करेगा, जिससे शैक्षणिक जागरूकता का प्रवाह हो सके। उन्होनें यह कहा कि केवल 23 प्रतिशत विद्यार्थी विश्वविद्यालय तक पहुँचते हैं एवं 77 प्रतिशत ऐसे विद्यार्थी हैं जो कि विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने के लिए सक्षम होते हैं परन्तु अपनी किन्हीं आर्थिक एवं सामाजिक परिस्थितियों के कारण इग्नू एक सुदृढ़ विकल्प है। कुलपति महोदय ने बताया कि इस सत्र से स्नातक स्तर कार्यक्रमों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों को निःशुल्क प्रवेश देने की योजना इग्नू द्वारा प्रारम्भ की गयी है।

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