नई दिल्ली: आर्थिक मोर्चे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेहद गंभीर हैं. वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों पर चर्चा के लिए आज प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक करेगा. इस बैठक में वित्त मंत्रालय के पांचों सचिव समेत तमाम अधिकारी मौजूद होंगे. पीएमओ के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा इन वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. जानकारी के मुताबिक, धनी लोगों पर बढ़ाए गए सरचार्ज, ऑटो और रियल एस्टेट सेक्टर में छाई सुस्ती, GST दरों में कटौती समेत तमाम मुद्दों पर बैठक में चर्चा होगी. 

इससे पहले वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण बैंकर्स समेत MSME, रियल एस्टेट, ऑटो सेक्टर और अन्य सभी सेक्टर के लोगों के साथ बैठक कर चुकी हैं. वित्तमंत्री ने साफ-साफ कहा था कि इन बैठकों में अलग-अलग सेक्टर के लोगों की समस्याएं सुनी जा रही हैं. इनकी समस्याएं और सुझावों को ध्यान में रखते हुए विकास को गति देने के लिए रोडमैप तैयार किया जाएगा.


सूत्रों ने बताया कि उम्मीद की जा रही है कि वित्त मंत्रालय के अधिकारी इस बैठक में ऑटो और रिएल्टी सेक्टर के साथ-साथ FPI (विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों) से प्रभावित शेयर बाजार में सुस्ती को दूर करने के विकल्प व समाधान पेश करेंगे. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अहमदाबाद में शुक्रवार को कहा कि वित्तीय रुझानों में सुधार के मद्देनजर मंत्रालय अभी पीएमओ के साथ बातचीत कर रहा है. 

उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, "मैंने सोमवार से अब तक बैंकों, वित्तीय संस्थानों, एसएमई, उद्योग और ऑटोमोबाइल समेत पांच अलग-अलग समूहों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की है और उनकी समस्याएं सुनी हैं. हम विश्लेषण कर रहे हैं कि कौन से कदम उठाए जाएं" वित्तमंत्री ने कहा, "गुरुवार को हमने प्रधानमंत्री के साथ अर्थव्यवस्था को लेकर बैठक की."

उन्होंने कहा, "इस बात पर विचार-विमर्श किया जा रहा है. कौन से कदम उठाए जाएं. इस संबंध में तैयारी के बाद हम घोषणा करेंगे." वित्त मंत्रालय की पहली प्राथमिकता FPI टैक्स (सुपर रिच लोगों पर बढ़ाए गए सरचार्ज) का समाधान करना होगा, जिसके कारण बाजार में गिरावट आई है. इसके अलावा, ऑटो सेक्टर के लिए दोबारा वित्त मुहैया करने पर भी विचार किया जा रहा है.PLC.