Saturday, February 29th, 2020

आर्थिक कारणों से पढ़ाई न छोड़ें

आई एन वी सी न्यूज़ नई भोपाल ,

जनसम्पर्क, विधि एवं विधायी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, विमानन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने कहा है कि प्रदेश सरकार बालिकाओं की सम्पूर्ण शिक्षा को नि:शुल्क करने के लिए रूप रेखा तैयार करने जा रही हैं, जिसको शीघ्र ही मूर्तरूप प्रदान किया जाएगा। श्री शर्मा ने बालिकाओं से कहा कि वे किसी भी स्थिति में आर्थिक तंगी की वजह से अपनी पढ़ाई न छोड़ें। आवश्यकता होने पर स्थानीय पार्षद, विधायक से या स्वयं उनसे सम्पर्क करें। हर संभव आवश्यक मदद की जाएगी। श्री शर्मा ने शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, चूनाभट्टी के वार्षिकोत्सव समारोह में यह बात कही। रोजगार सृजनकर्ता हैं मुख्यमंत्री

जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा ने मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा मॉडल का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ रोजगार सृजनकर्ता है। आज की स्थिति में छिंदवाड़ा के नौजवान और नव युवतियां स्थानीय, प्रादेशिक, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कार्य कर रहे हैं। श्री कमल नाथ ने न केवल छिंदवाड़ा में अधोसरंचनात्मक विकास किया है, अपितु रोजगार सृजन के उपाय कर क्षेत्र के लोगों को रोजगार भी प्रदान किए हैं। अब पूरे प्रदेश में रोजगार सृजन के लिए विभिन्न उद्योग धंधें लगाए जाएंगे। साथ ही रोजगार प्रदान करने के अन्य उपाय भी किये जाएंगे।

स्मार्ट बनाये जायेंगे स्कूल और क्लासेस

जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि स्कूली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए समुचित उपाय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब भोपाल शहर स्मार्ट सिटी बन रहा है, तो स्कूल और उसकी कक्षाओं को भी स्मार्ट बनाया जाएगा। स्कूल का कोई भी कार्य रूकने नहीं देंगे।

श्री शर्मा ने युवा संसद, कालिदास समारोह और मोगली उत्सव में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। समारोह की अध्यक्षता स्थानीय पार्षद श्रीमती सीमा प्रवीण सक्सेना ने की।

जैव विविधता संरक्षण के लिए ग्रामीणों की सहभागिता जरूरी

जनसम्पर्क, विधि एवं विधायी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, विमानन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री  पी.सी. शर्मा ने कहा है कि जैव विविधता संरक्षण के लिए ग्रामीणों की सहभागिता की महती आवश्यकता है। जागरण लेक सिटी यूनिवर्सिटी में जैव विविधता पर आयोजित कार्यशाला में यह बात कही। श्री शर्मा ने कहा कि ग्रामीण के संसाधनों उपयोग पर ग्राम पंचायतों को उपकर लगाने का अधिकार पंचायती राज में दिया गया है। ग्राम पंचायतें इस अधिकार का उपयोग कर प्राप्त होने वाली धनराशि से जैव विविधता संरक्षण के लिए बहुतेरे उपाय कर सकती हैं। उन्होंने पर्यावरण को बचाने में धार्मिक मान्यताओं को भी महत्वपूर्ण बताया। श्री शर्मा ने कहा कि पीपल के वृक्ष में देवी-देवताओं का वास होने का उल्लेख धार्मिक ग्रन्थों में है। सभी जानते है कि पीपल का वृक्ष 24 घंटे ऑक्सीजन देता है। उन्होंने कहा कि जैव विविधता के संरक्षण के लिए कार्यशाला के निष्कर्षों का लाभ सभी को मिलेगा।




 

Comments

CAPTCHA code

Users Comment