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Tuesday, April 20th, 2021

आरईसी द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 की तीसरी तिमाही और नौमाही के वित्तीय परिणामों की घोषणा

आरईसी को अब तक का सर्वाधिक 2,263 करोड़ रूपए का तिमाही लाभ
 

आई एन वी सी न्यूज़  
नई  दिल्ली ,

आरईसी लिमिटेड के निदेशक मंडल द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 की तीसरी तिमाही और नौमाही के अलेखापरीक्षित स्टैण्डअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय परिणामों को जारी किया गया।

 

प्रमुख प्रचालन एवं वित्तीय बिंदु- वित्तीय वर्ष 2019-20 की तीसरी तिमाही और वित्तीय वर्ष 2020-21 की तीसरी तिमाही की तुलना (स्टैंडअलोन)

 

कुल आय-  7,653  करोड़ रूपए से बढ़कर 9,047 करोड़ रूपए, 18% की वृद्धि

निवल लाभ-  1,642 करोड़ रूपए से बढ़कर 2,263 करोड़ रूपए, 38% की वृद्धि

 

प्रचालन संबंधी मजबूत प्रदर्शन के साथ मौजूदा तिमाही के दौरान, कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2019-20 की तीसरी तिमाही के 1,642 करोड़ रूपए की तुलना में वित्तीय वर्ष 2020-21 की तीसरी तिमाही में 2,263 करोड़ रूपए का अब तक का सर्वाधिक तिमाही लाभ दर्ज किया है। इससे कंपनी ने 31 दिसंबर 2019 को समाप्त तिमाही के 8.32 रूपए की तुलना में 31 दिसंबर 2020 को समाप्त तिमाही में 11.46 रूपए प्रति शेयर कमाई (ईपीएस) (अवार्षिकीकृत) दर्ज की है।

 

कंपनी की लोन बुक 31 दिसंबर, 2019 के 3.07 लाख करोड़ रूपए से बढ़कर 31 दिसंबर, 2020 को 3.57 लाख करोड़ रूपए हो गई है। लाभ के जुड़ने से 31 दिसंबर, 2020 को, 211 रूपए प्रति शेयर बुक वैल्यू के साथ कंपनी का निवल मूल्य बढ़कर 41,749 करोड़ रूपए हो गया है। कंपनी के कैपिटल एडिक्वेसी अनुपात में भी इसी रूप में सुधार हुआ है और यह 31 दिसंबर, 2020 को 19.27 प्रतिशत हो गया है, जिससे कंपनी की वृद्धि की रफ्तार आगे भी बनी रहगी।  


रेजलूशंस के बिना किसी सस्टेंड ट्रेंड और इंक्रीमेंटल स्लिपेजेज के नेट क्रेडिट-इंपेयर्ड एसेट्स घटकर 31 दिसंबर, 2020 को 1.95% प्रतिशत हो गए हैं और प्रोविजनिंग कवरेज रेशियो बढ़कर 61.87% हो गया है। 

वित्तीय परिणामों पर चर्चा करते हुए, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री संजय मल्होत्रा ने कहा, "चुनौतीपूर्ण समय के दौरान, कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए पिछली तीन तिमाहियों में लगातार अब तक का सर्वाधिक लाभ दर्ज किया है। आर्थिक गतिविधियां बेहतर होने के साथ ही बिजली की खपत में भी सुधार होगा, इसलिए विद्युत क्षेत्र के भविष्य के प्रति हमारा दृष्टिकोण आशावादी है। केंद्रीय बजट में, अगले 5 वर्षों में 3 लाख करोड़ रूपए से अधिक के अपेक्षित परिव्यय के साथ वितरण क्षेत्र की सुधार पर आधारित परिणाम से जुड़ी योजना घोषित की गई है, जो संपूर्ण विद्युत क्षेत्र के वैल्यू चेन के लिए एक सकारात्मक संकेत है।"

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