आईएनवीसी ब्यूरो
नई दिल्ली.
  भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी आंदोलनों की भी महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है। भारत के ऐसे ही आदिवासी स्वतंत्रता आंदोलनों और उनके नायकों पर एक पुस्तक का विमोचन कल यहां हुआ। प्रकाशन विभाग, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अंग्रेजी में प्रकाशित पुस्तक ट्राइबल फ्रीडम फाइटर्स ऑफ इंडिया के लेखक ए आर एन श्रीवास्तव हैं। श्रीवास्तव ने आदिवासी इलाकों में अपने गहन अध्ययन के आधार पर यह पुस्तक लिखी है।

 पुस्तक का विमोचन मुख्य अतिथि स्तुति कक्कड़, अपर सचिव, सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने किया। इससे पहले वीना जैन, अपर महानिदेशक (प्रभारी) प्रकाशन विभाग ने अतिथियों का स्वागत किया।

 पुस्तक ट्राइबल फ्रीडम फाइटर्स ऑफ इंडिया में झारखंड से लेकर पूर्वोत्तर के राज्यों और गुजरात से लेकर दक्षिण में आंध्र प्रदेश तक में उन्नीसवीं और प्रारंभिक बीसवीं सदी में हुए आदिवासी आंदोलनों को शामिल किया गया है। अंग्रेजी शासन, जमींदारों और साहूकारों के उत्पीड़न से अपने सम्मान और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए आदिवासियों द्वारा किए गए प्रतिरोधों और संघर्षों को इस पुस्तक में शामिल किया गया है।

 कार्यक्रम में प्रकाशन विभाग के एक सचल पुस्तक प्रदर्शनी वाहन का भी उद्धाटन हुआ। इस वाहन से विभाग की पुस्तकों को सुदूर क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी और इस तरह विभाग का आम आदमी तक ज्ञानवर्धक और रोचक पुस्तकें कम दाम में उपलब्ध कराने का ध्येय पूरा होने में मदद मिलेगी। इसके अलावा स्कूल, कालेज और विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच विभाग की पुस्तकें पहुंचाने में भी इस सचल पुस्तक प्रदर्शनी वाहन का उपयोग हो सकेगा।

 सौ से ज्यादा खंडों में संपूर्ण गांधी वाड्.मय के लिए लोकप्रिय प्रकाशन विभाग का बाल साहित्य संकलन भी विलक्षण है जिसमें लोक कथाओं और पौराणिक कथाओं के साथ-साथ विज्ञान और तकनीकी पर पुस्तकें भी शामिल हैं। इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम पर विभाग की पुस्तक शृंखलाओं ने भी पाठकवर्ग में अपना विशिष्ट स्थान बनाया है।

 प्रकाशन विभाग हर साल 100 से ज्यादा पुस्तकें 13 भाषाओं में प्रकाशित करता है। इनके अलावा योजना, कुरुक्षेत्र, बाल भारती और आजकल के साथ रोजगार समाचार और एंप्लॉयमेंट न्यूज़ विभाग की पत्रिकाएं हैं। विभाग वार्षिक संदर्भ ग्रंथ भारत का प्रकाशन भी करता है जिसमें देश के बारे में विश्वसनीय अद्यतन जानकारी होती है।

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