Wednesday, August 12th, 2020

आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए गए बड़े फैसले

आई एन वी सी न्यूज़
जगदलपुर ,


मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने ‘लोकवाणी’ की पांचवी कड़ी में आज आदिवासियों की गौरवशाली संस्कृति और परम्परा, वनोपज पर आधारित उनकी आजीविका, राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जनजातियों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों, आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा आदि विषयों पर प्रदेशवासियों के साथ अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की बागडोर सम्हालते ही सबसे बड़ा फैसला लोहण्डीगुड़ा में आदिवासियों की जमीन वापस करने का था। अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी से गैर-आदिवासी को भूमि क्रय करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पूर्व में इस प्रकार के जो अंतरण हुए हैं, उनमें भी न्याय दिलाने की पहल की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन निर्दोष लोगों को झूठे मामलों, मुकदमों में फंसाया गया था, उन्हें न्याय दिलाने के लिए जस्टिस पटनायक आयोग काम कर रहा है। सारकेगुड़ा न्यायिक जांच आयोग का प्रतिवेदन प्राप्त हो गया है, जिसके आधार पर दोषियों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
      मुख्यमंत्री ने कहा कि पेसा कानून के अंतर्गत ग्राम सभा की महती भूमिका है। ग्राम सभा की अनुमति के बाद ही सभी शासकीय, अशासकीय भू-अर्जनों की कार्यवाही की जा रही है। अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा कानूनों को प्रभावी बनाने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सिर्फ 7 वनोपजों की खरीदी करते थे, अब हमारी सरकार द्वारा 15 वनोपजों की खरीदी की जा रही है। प्रदेश में वनोपज का कारोबार लगभग 18 सौ करोड़ रूपए का होता है, जिसमें हमारे आदिवासी समाज को समुचित भागीदारी नहीं मिली थी। अब हमारी सरकार ने ऐसे नये रास्ते तलाशे हैं, जिससे आप सभी लोगों की आय बढ़ सकेगी। वनोपजों के कारोबार से महिला समूहों की 50 हजार से अधिक सदस्याओं को जोड़ा जाएगा।
बस्तर की जीवनदायिनी इन्द्रावती को बचाने प्राधिकरण का गठन
मुख्यमंत्री ने लोकवाणी में ‘नरवा, गरूवा, घुरवा, बारी‘ महाभियान की चर्चा करते हुए कहा कि नरवा योजना में नालों के साथ हर तरह के जलाशयों को हमें बचाना है। नदी, नाले, झील, तालाब, कुएं और ऐसी हर संरचना जिससे बारिश का पानी बहने से रूके, भू-जल की रिचार्जिंग हो, नए जल स्त्रोत मिलें, ऐसे सारे उपाय किए जा रहे हैं। बस्तर की जीवनदायिनी नदी इन्द्रावती को बचाने के लिए प्राधिकरण का गठन किया गया है। नदी तट कटाव में कमी लाने के लिए इन्द्रावती, खारून और अरपा नदियों के 462 हेक्टेयर क्षेत्र में छह लाख पौधों का रोपण किया जा रहा है।
जाति प्रमाण-पत्र बनाने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया
श्री बघेल ने रेडियोवार्ता में कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा कानूनों को प्रभावी बनाने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। जाति प्रमाण-पत्र बनाने की प्रक्रिया को सरल करते हुए पिता की जाति के आधार पर नवजात को जाति प्रमाण पत्र दिए जा रहे हैं। बस्तर, सरगुजा आदिवासी प्राधिकरण में विधायकों को प्राधिकरणों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई है।

बस्तर, सरगुजा, बिलासपुर संभाग के लिए होगा
कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड का गठन
    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने रेडियोवार्ता में कहा कि वनांचलों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों आदिवासी युवाओं को प्राथमिकता से रोजगार देने के लिए राज्य सरकार ने अनेक बड़े कदम उठाएं है। बस्तर, सरगुजा तथा बिलासपुर संभाग के लिए कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड के गठन का निर्णय लिया गया है।
किसानों को धान की कीमत 2500 रूपए प्रति क्विंटल मिलेगी
    मुख्यमंत्री ने रेडियोवार्ता में कहा कि प्रदेश में धान की खरीदी एक दिसम्बर से प्रारंभ हो चुकी है। राज्य सरकार ने पूरी व्यवस्था कर रखी है कि किसानों की जेब में 2500 रूपए प्रति क्विंटल की दर से पूरी राशि जाए। किसानों को धान का मूल्य 2500 रूपए प्रति क्विंटल की दर से मिलेगा। केन्द्र के नियमों के तहत फिलहाल केन्द्र द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है।
       बस्तर के ग्रामीण अंचलों में लोगों ने सुनी लोकवाणी
   बस्तर के ग्रामीण अंचलों, ग्राम पंचायतों में भी मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की लोकप्रिय रेडियोवार्ता लोकवाणी को सुना। यह कड़ी आदिवासियों के विकास पर केन्द्रित होने के कारण लोगों ने उत्साह से सुना और अपनी प्रतिक्रिया भी व्यक्त की। ग्राम पंचायत नेगानार के पूर्व सरपंच श्री बोनोराम मौर्य ने  कहा कि मुख्यमंत्री श्री बघेल ने आज अपने प्रसारण में आदिवासियों की परम्परा एवं संस्कृति की संरक्षण व संवर्धन के अलावा आदिवासियों की संविधानिक अधिकारों की रक्षा की उपाय सुनिश्चित करने की बात कही है। इससे निश्चित रूप से राज्य के आदिवासियों के मन में राज्य सरकार के प्रति आशा और विश्वास बढ़ा है। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति नेगानार के उपाध्यक्ष श्री तुला प्रसाद श्रीवास्तव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने लोकवाणी कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश की जनता से वार्तालाप शैली में सीधे संवाद स्थापित कर उनके दिल में उतरने की कोशिश की है। समर्थन मूल्य पर वनोपजों की खरीदी के निर्णय को आदिवासियों के हित में बताया। ग्राम नेगानार के बुजुर्ग किसान श्री लच्छूराम कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री ने आज लोकवाणी के माध्यम से राज्य के आदिवासियों एवं नवजवानों के चिंताओं को दूर किया है। उन्होंने राज्य में पेशा एक्ट आदि की प्रभावी क्रियान्वयन करने की बात कही है। इससे ग्राम सभाएं मजबूत होंगी।

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