Monday, December 9th, 2019

आतंक फैलाया जा रहा है

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कश्मीर के घटनाक्रम के मद्देनजर भारत में आतंक को पुनर्जीवित करने के लिए हो रहे प्रयासों पर चिंता जताई। साथ ही राज्य के नागरिक और प्रशासनिक अधिकारियों को निरंतर सतर्कता बनाए रखने और सुरक्षा बलों के साथ समन्वय  करने का आह्वान किया।
अपने आधिकारिक आवास पर पंजाब आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के लिए उनके द्वारा आयोजित रात्रिभोज में, मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य होने के नाते, विशेष रूप से कमजोर रहा है। उन्होंने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न नागरिक और सुरक्षा एजेंसियों के बीच घनिष्ठ समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।

कैप्टन ने कहाकि सरकार पंजाब की शांति और सद्भाव को किसी भी कीमत पर खराब नहीं होने देगी। वर्तमान परिदृश्य में आईएएस अधिकारियों की भूमिका अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अलर्ट पर रहें, और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम करें ताकि वे अपने-अपने जिलों में आंखें और कान बनाकर किसी भी घटना से निपट सकें।
कैप्टन बोले- संवदेनशील रवैया अपनाएं अफसर और लोग
आईएएस अधिकारियों के लिए पंजाब के किसी भी मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित इस तरह के रात्रि भोज में लगभग 100-पुरुष और महिला अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों के साथ अपनी बातचीत में, कैप्टन अमरिंदर ने भी आह्वान किया कि वे विधायकों और सैनिकों सहित सभी नागरिकों की जरूरतों के प्रति अधिक संवेदनशील हों।

उन्होंने विशेष रूप से सशस्त्र कर्मियों की समस्याओं के प्रति अधिक संवेदनशील होने के लिए कहा, जो किसी भी तरह के आंतरिक या बाहरी खतरे के दौरान शांति के समय में प्रशासन का अधिक से अधिक साथ देते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी समस्या लेकर आने वाले सैन्यकर्मी, प्रशासनिक अधिकारी के पास से  खाली हाथ न लौट पाएं।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में प्रशासन द्वारा किए गए बाढ़ राहत कार्यों के दौरान अधिकारियों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों को भी याद किया। कैप्टन  ने नागरिकों के हित में आईएएस अधिकारियों और विधायकों के बीच घनिष्ठ और पारस्परिक सहयोग की आवश्यकता पर भी बल दिया। पंजाब आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन की अध्यक्ष विनी महाजन ने अधिकारियों की ओर से इस अनूठी पहल के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। PLC

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