देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (Mumbai) आतंकियों के निशाने (Terrorist Attack Alert) पर है. खुफिया एजेंसियों ने समुद्री रास्ते से मुंबई पर हमले की आशंका जताई है. एजेंसियों के अलर्ट के बाद गिरगांव और चौपाटी के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई. समुद्र से लगने वाले शहर के किनारों पर Quick Response Team और मुंबई पुलिस को तैनात किया गया है. इन जगहों पर आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. गौरतलब है कि आजाद भारत के इतिहास में सबसे भीषण आतंकी हमलों में शुमार किया जाने वाले 26/11 (2008 Mumbai attacks) का हमला भी समुद्री रास्ते से हुआ था. पाकिस्तान से आए आतंकी समुद्री रास्ते से ही मुंबई शहर में घुसे थे.

बढ़ी एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था

समुद्री किनारों के अलावा एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है. यहां सुरक्षा बल के जवानों के अलावा खोजी कुत्तों को तैनात कर दिया गया है. वहीं शहर में स्वतंत्रता दिवस को लेकर भी सामान्य अलर्ट जारी है.

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, 'हमें सामान्य सूचना मिली हैं. हम किसी भी घटना से निपटने के लिए तैयार हैं और हमारे सुरक्षा बल सतर्क हैं.' उन्होंने कहा कि सूचना में आगाह किया गया कि जम्मू-कश्मीर को लेकर हुए फैसले के कारण कुछ इलाकों में प्रभाव पड़ने की संभावना है. हम कुछ मुस्लिम बहुल इलाकों के निवासियों के साथ बातचीत कर रहे हैं. हमने लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने का अनुरोध किया है. मुंबई और राज्य के बाकी हिस्सों में पुलिस कर्मियों को बड़ी संख्या में तैनात किया जा रहा है.

मुंबई ने झेले हैं बड़े आतंकी हमले

गौरतलब है कि बीते तीन दशकों के दौरान मुंबई शहर ने कई बड़े आतंकी हमले झेले हैं. 1993 में हुए सीरियल ब्लाट्स (1993 Bombay bombings) के बाद मुंबई की लोकल ट्रेनों (2006 Mumbai train bombings) से लेकर बड़े होटलों तक पर हमले हुए हैं. साल 2008 में पाकिस्तान से समुद्री रास्ते से आतंकियों ने बड़ा हमला किया था. इस हमले में मुंबई पुलिस के कई काबिल पुलिसकर्मियों ने जान गंवाई थी. इस केस के मुख्य आरोपी पाकिस्तानी अजमल कसाब को यूपीए सरकार के समय ही फांसी दे दी गई थी.PLC.