आई.एन.वी.सी,,
सियोल,,

            परमाणु सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में काम करने, परमाणु आतंक के खतरे को कम करने और आतंकवादियों, अपराधियों, अथवा अन्य अनाधिकृत तत्वों द्वारा परमाणु सामग्री को प्राप्त करने से रोकने के लिए वर्ष 2010 में आयोजित वाशिंगटन परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन से उत्पन्न राजनैतिक प्रतिबद्धताओं के पुनः नवीनीकरण के लिए हम सभी नेता 26-27 मार्च, 2012 को सियोल में एकत्र हुए। परमाणु आतंक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बडे चुनौतिपूर्ण खतरों में से एक है। इसके वैश्विक राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक  और मनौवेज्ञानिक प्रभावों के मद्देनज़र इस खतरे को मात देने के लिए मजबूत राष्ट्रीय कदम और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है।

परमाणु निःशस्त्रीकरण, परमाणु प्रसार को रोकने और परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के लिए हम अपने साझा लक्ष्यों को दोहराते हैं।

सभी के लिए सुरक्षित विश्व के लिए प्रतिबद्ध हम सब परमाणु सुरक्षा के उद्देश्य को भी साझा करते हैं। चार वर्षों में सभी संवेदनशील परमाणु सामग्री को सुरक्षित करने के हमारे संयुक्त आह्वान का समर्थन करते हुए, हम परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन को उच्चतम राजनैतिक स्तर पर बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया मानते हैं। इस संदर्भ में हम वाशिंगटन शिखर सम्मेलन के भागीदार राष्ट्रों द्वारा राजनैतिक प्रतिबद्धता की दिशा में की गई प्रगति का स्वागत करते हैं।

 हम इस बात पर बल देते हैं कि राष्ट्रों का यह मौलिक दायित्व हैं कि वे अपने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के साथ ही सभी परमाणु सामग्रियों की प्रभावी सुरक्षा को बरकरार रखें जिसमें परमाणु हथियारों में इस्तेमाल परमाणु सामग्री और उनके नियंत्रण के तहत परमाणु सुविधाएं शामिल हैं, साथ ही अनाधिकृत तत्वों द्वारा इस प्रकार की सामग्री को प्राप्त करने और उनके द्वारा गलत मकसद के लिए सूचना और प्रौद्योगिकी को प्राप्त करने से भी रोकना होगा। इसी प्रकार हम यह भी स्वीकार करते हैं कि राष्ट्रों का मौलिक दायित्व अन्य रेडियोधर्मी सामग्रियों की प्रभावी सुरक्षा को बरकरार रखना भी है।

हम पुनः आश्वस्त करते हैं कि परमाणु सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों से परमाणु ऊर्जा के विकास और शांतिपूर्ण मकसद के लिए इसके इस्तेमाल से राष्ट्रों के अधिकारों का हनन नहीं होगा।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुगम बनाने और राष्ट्रों के परमाणु सुरक्षा दायित्वों को पूरा करने में उन्हें सहयोग प्रदान करने में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए हम क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व पर बल देते हैं, और राष्ट्रों के बीच सहयोग बढ़ाने तथा अंतरराष्ट्रीय साझेदारों तक उनकी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

मार्च 2011, में हुए फुकुशिमा दुर्घटना और परमाणु सुरक्षा तथा परमाणु बचाव के बीच संबंध के मद्देनज़र हम मानते हैं कि परमाणु सुरक्षा और परमाणु बचाव के मुद्दों को सुसंगत रुप से संबोधित करने के लिए सतत प्रयासों की ज़रुरत है जिससे परमाणु ऊर्जा के सुरक्षित और कुशल शांतिपूर्ण इस्तेमाल को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

परमाणु सुरक्षा के लक्ष्यों की ओर बढ़ने में अपने भविष्य के कामकाज के लिए हम वाशिंगटन विज्ञप्ति और कार्य योजना के इस्तेमाल को जारी रखेंगे। सियोल शिखर सम्मेलन में हम सभी इस बात से सहमत हैं कि निम्नलिखित महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हम और अधिक प्रगति लाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

वैश्विक परमाणु सुरक्षा संरचना

हम परमाणु सुरक्षा को संबोधित करने वाले बहुपक्षीय उपकरणों के महत्व को स्वीकार करते हैं जैसे परमाणु सामग्री की भौतिक सुरक्षा पर संधिपत्र (सीपीपीएनएम), जैसा कि संशोधित है  और परमाणु आतंकवाद के कृत्यों को प्रतिबंधित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय संधिपत्र (आईसीएसएएनटी)। इसलिए हम इन संधिपत्रों पर सार्वभौमिक समर्थन को बढ़ावा देते हैं।

आईएईए की भूमिका

अंतरराष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा ढ़ांचे को मजबूत करने में हम आईएईए की आवश्यक जिम्मेदारी और केन्द्रीय भूमिका को पुनः दोहराते हैं और परमाणु सुरक्षा योजना 2010-13 की अहमियत को स्वीकारते हैं। हम आईएईए की उपयुक्त संरचना, संसाधन और परमाणु सुरक्षा के उद्देश्यों को कार्यान्वित करने के लिए आवश्यक विशेषज्ञता को सुनिश्चित करने के लिए कार्य करेंगे।

परमाणु सामग्री

इस बात के मद्देनजर कि अत्याधिक संवर्धित यूरेनियम (एचईयू) और अलग किए गए प्लूटोनियम के लिए विशेष सावधानी की आवश्यकता है, हम इस बात पर पुनः जोर देते हैं कि इन सामग्रियों के लिए उपयुक्त सुरक्षा, देखरेख और समेकन की ज़रुरत है। हम राष्ट्रों को प्रोत्साहित करते हैं कि वे उन परमाणु सामग्रियों का सुरक्षित और समय पर निपटारा करें जिनका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।

रेडियोधर्मी स्रोत

इसे ध्यान में रखते हुए कि रेडियोधर्मी  स्रोतों का व्यापक प्रयोग किया जाता है और गलत कार्यों के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है, हम राष्ट्रों से आग्रह करते हैं कि इन तत्वों के औद्योगिक, चिकित्सीय, कृषि और अनुसंधान अनुप्रयोगों पर गौर करते हुए इन सामग्रियों की सुरक्षा करें।

परमाणु सुरक्षा और बचाव

यह मानते हुए कि बचाव और सुरक्षा संबंधी कदमों का सामान ध्येय मानव जीवन और स्वास्थ्य तथा पर्यावरण की रक्षा करना है हम इस बात पर जोर देते हैं कि परमाणु सुरक्षा और परमाणु बचाव के कदमों को संगत और सामंजस्यपूर्ण तरीके से डिजाइन, कार्यान्वित और परमाणु केन्द्रों में प्रबंधित किया जाना चाहिए।

परिवहन सुरक्षा

परमाणु और रेडियोधर्मी सामग्रियों की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए अपने कदमों को जारी रखते हुए हम इनके घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय परिवहन के लिए राष्ट्रों को सर्वोत्कृष्ट कार्यप्रणाली अपनाने और इस संदर्भ में आवश्यक प्रौद्योगिकी को हासिल करने के लिए आपसी सहयोग के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

गैरकानूनी व्यापार का सामना

हम गैरकानूनी परमाणु व्यापार को रोकने, जांच करने, प्रतिक्रिया और कार्यवाही के लिए राष्ट्रीय क्षमताओं के विकास की ज़रुरत को रेखांकित करते हैं। इस संदर्भ में हम  गैरकानूनी व्यापार का सामना करने के लिए सुसंगत राष्ट्रीय कानूनों और नियमनों के साथ राष्ट्रीय क्षमताओं के तहत प्रतिक्रिया उन्मुखी समन्वय को प्रोत्साहित करते हैं।

परमाणु फोरेंसिक्स

हम मानते हैं कि पता लगाए गए परमाणु और अन्य रेडियोधर्मी सामग्रियों की उत्पत्ति के बारे में जानने में परमाणु फोरेंसिक्स एक प्रभावी उपकरण हो सकता है, साथ ही इसके गैरकानूनी व्यापार और गलत उपयोग के लिए साक्ष्य प्राप्त करने और अभियोजन में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। इस संदर्भ में हम राष्ट्रों को एक साथ तथा साथ ही आईएईए के साथ मिलकर काम करने के लिए भी प्रोत्साहित करते हैं ताकि परमाणु फोरेंसिक्स क्षमताओं का विकास और इसमें वृद्धि की जा सके।

परमाणु सुरक्षा संस्कृति

 हम इस बात को स्वीकार करते हैं कि गलत मकसद के लिए परमाणु सामग्रियों को हासिल करने अथवा इसके इस्तेमाल के लिए सूचना, प्रौद्योगिकी अथवा विशेषज्ञता हासिल करने से गलत तत्वों को रोकना बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए हम राष्ट्रों को इस प्रकार की सूचना के प्रभावी प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय और केन्द्र स्तरीय सुरक्षा के विकास और इसे सुदृढ़ करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं जिसमें  परमाणु सामग्रियों और परमाणु केन्द्रों की सुरक्षा के लिए प्रक्रिया और प्रोटोकॉल पर सूचना, प्रासंगिक क्षमता निर्माण परियोजना को समर्थन और परमाणु केन्द्रों से संबद्ध साइबर सुरक्षा कदमों को बढ़ावा देना शामिल है। यह सब परमाणु सुरक्षा (जीसी(55)आरईएस/10) पर आईएईए की महासभा के अनुरुप है और इसमें अंतरराष्ट्रीय टेलीकम्यूनिकेशन यूनियन रिजॉल्यूशन 174 को ध्यान में रखा गया है।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग

 हम सभी राष्ट्रों को प्रोत्साहित करते हैं कि वे अपनी परमाणु सामग्रियों, आपातकालीन तैयारियों और प्रतिक्रिया क्षमताओं तथा प्रसंगिक कानूनी और नियामक ढ़ांचे  की सुरक्षा और देखरेख प्रणाली में वृद्धि करें।

      परमाणु सुरक्षा को मज़ूबत करने और इस संबंध में की गई राजनैतिक प्रतिबद्धताओं को कार्यान्वित करने के लिए हम स्वैच्छिक और वास्तविक प्रयासों को जारी रखेंगे। सियोल शिखर सम्मेलन में भागीदारी करने वाले राष्ट्रों द्वारा वाशिंगटन शिखर सम्मेलन के बाद से परमाणु सुरक्षा के क्षेत्र में की गई प्रगति की सूचना का हम स्वागत करते हैं। अगला परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन नीदरलैंड में वर्ष 2014 में होगा।

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