Sunday, December 15th, 2019

आखिरकार नारायण साईँ पुलिस के शिकंजे में फंस ही गया। लेकिन 58 दिन से फरार साईँ की गिरफ्तारी के पीछे असल में कौन?

images (4)आई एन वी सी,

दिल्ली,

क़ानून के हाथ वाक़ई लंबे हैं ये आज साबित हो ही गया। करीब दो महीने से पुलिस को चकमा दे रहे बलात्कार के आरोपी नारायण साईँ को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। बुधवार को उसे दिल्‍ली पुलिस की हिरासत में मेडिकल जांच के बाद रोहिणी कोर्ट में पेश किया गया। रोहिणी कोर्ट के बाहर बड़ी तादाद में नारायण साईं के समर्थक जुट गए। ये नारायण साईं का स्‍वागत करने के लिए फूल-मालाओं के साथ पहुंचे और कोर्ट के बाहर रास्‍ते पर साईं के स्‍वागत में फूल बिखेर दिए। समर्थकों का कहना है कि नारायण साईं के खिलाफ लगाए गए बलात्कार के आरोप निराधार हैं और उनके खिलाफ बड़ी साज़िश की जा रही है।

दिल्‍ली और सूरत पुलिस की ज्‍वाइंट टीम ने मंगलवार देर रात नारायण साईं को कुरुक्षेत्र के पास पीपली से गिरफ्तार किया। उसने जींस, टीशर्ट और पगड़ी पहन कर एक सिख युवक का हुलिया बनाया हुआ था।लेकिन, बुधवार को जब साईं को मेडिकल जांच के लिए ले जाया जा रहा था तब वह संत जैसा चोला पहने था और वो मुस्कुरा कर अपने समर्थकों का अभिवादन कर रहा था।

नारायण साईँ के साथ उसके सहयोगी हनुमान, भाविका, विष्‍णु और रमेश भी गिरफ्तार किए गए हैं। नारायण साईं से दिल्‍ली में क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक 58 दिनों से फरार नारायण साईं ने पुलिस को बताया कि उसके सलाहकार छिपने को कह रहे थे। साईं ने यह भी बताया कि वह छिपने के क्रम में यूपी के आगरा और बिहार के सीतामढ़ी भी गया था।

नारायण को कोर्ट में पेश करने के दौरान अदालत कक्ष में नारायण साईं समर्थकों, वकीलों व मीडियाकर्मियों की भीड़ लग गई। वकीलों में एक दूसरे को नारायण साईं का वकील बताने की होड़ मच गई।

रोहिणी कोर्ट के बाहर साईं के काफी समर्थक फूल-माला के साथ पहुंचे थे, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं। एहतियातन कोर्ट परिसर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

गौरतलब है कि सूरत में दो बहनों ने करीब दो महीने पहले नारायण साई और आसाराम के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कराया था। उसके बाद से ही साई पुलिस से लुका-छिपी का खेल खेल रहा था। पुलिस ने उसके ऊपर पांच लाख का इनाम भी घोषित कर रखा था।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि पिछले दो दिनों से रमेश के ठिकाने का पता लगा रहे दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के अधिकारी उसके सही स्थान का पता लगाने में कामयाब रहे। एक अन्य सूचना के मुताबिक, पुलिस ने एक घर में छापा मारा लेकिन साई और उसके साथी स्पो‌र्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) से भागने में कामयाब रहे। लेकिन पुलिस ने उन्हें थोड़ी ही दूरी पर पकड़ लिया।

बताया गया कि जब साई की गिरफ्तारी हुई तब वह सिख की वेशभूषा में था। वह टी-शर्ट, पैंट और जैकेट पहना था और सिर पर पगड़ी बांध रखी थी।

बाद में दिल्ली की रोहिणी अदालत के महानगर दंडाधिकारी धीरज मोर ने स्वयंभू संत आसाराम के बेटे नारायण साईं को बुधवार को एक दिन के लिए गुजरात पुलिस को सौंपने के लिये ट्रांजिट रिमांड जारी किया।

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