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Thursday, November 26th, 2020

आईओसी पर दबाव बनाने के लिए अन्य देशों को जोड़ा जाए - सुखबीर सिंह बादल

Parkash Singh Badalआई एन वी सी,
पंजाब, अन्तर्राष्ट्रीय ओलम्पिक कमेटी ने भारत के रिवायती खेल कुश्ती को शार्ट लिस्ट करके चाहे फौरी तौर पर इसका ओलम्पिक खेलोंं  में प्रवेश यकीनी रखा है। परन्तु ओलम्पिक खेलों में पक्के तौर पर कुश्ती का हिस्सा रखने के लिए केन्द्र सरकार को बड़े प्रयास करने चाहिए।  आज यहां जारी प्रैस विज्ञप्ति में पंजाब के उप मुख्यमंत्री स. सुखबीर सिंह बादल जिनके पास खेलों का विभाग भी है, ने कहा कि कुश्ती देश की रिवायती खेल है। जिसके स्वरूप देश ने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन किया है। हाकी के बाद कुश्ती खेल ही जिसने ओलम्पिक खेलों में सबसे अधिक चार पदक विजय किये । उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार और खेल मंत्रालय की यह जिम्मेवारी बनती है कि देश के रिवायती खेलों का सम्मान बहाल रखने के लिए ओलम्पिक  में कायम रखें। स. बादल ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा भी अन्तर्राष्ट्रीय ओलम्पिक कमेटी और विश्व कुश्ती संस्था (फीला) को कुश्ती को 2020 के ओलम्पिक खेलों में बनाए रखने के लिए अपील करेंगें। परन्तु इसकी सबसे बड़ी जिम्मेवारी केन्द्र सरकार की बनती है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश सोची समझी साजिश तहत एशियाई क्षेत्र की रिवायती खेल कुश्ती को ओलम्पिक खेलों में से बाहर करने जा रहे हैं। भारत सरकार कुश्ती प्रेमी देशों और अपने मित्र देशों को साथ लेकर अन्तर्राष्ट्रीय कमेटी पर अपना दबाव बनाएं।  इसी दौरान पंजाब ओलम्पिक एसोसिएशन के प्रधान और पूर्व केन्द्रीय खेल मंत्री स. सुखदेव सिंह ढींडसा ने भी केन्द्रीय खेल मंत्री को अपील की कि वह कुश्ती खेल को ओलम्पिक में से बाहर करने से रोकने के लिए अभियान आरम्भ करें। स. ढींडसा ने कहा कि आज देश में प्रत्येक गांव-शहर में कुश्ती अखाड़ा चल रहा है और हजारों खिलाड़ी कुश्ती खेल से जुड़े हुए हैं। कुश्ती के ओलम्पिक खेलों में से बाहर होने से इन खिलाडिय़ों का भविष्य तबाह हो जाएगा और केन्द्रीय खेल मंत्रालय की जिम्मेवारी बनती है कि विश्व की सबसे अहम खेल कुश्ती को अलोप होने से बचाने के लिए प्रयास किये जाएं।

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