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Monday, April 19th, 2021

अलग एसजीपीसी हरियाणा के सिखों का हक है और उनकी भावनाओं का सम्मान : भूपेन्द्र सिंह हुड्डा

bhupinder singh hoodaआई एन वी सी,
चंडीगढ़,
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश के सिखों की भावनाओं के अनुरूप आज हरियाणा में गुरूद्वारों के प्रबंधन के लिए ‘हरियाणा शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी’ के गठन की घोषणा की। श्री हुड्डा ने कहा कि आगामी 11 जुलाई को हरियाणा विधानसभा में हरियाणा शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) का बिल पेश किया जायेगा और कानूनी रूप से एचएसजीपीसी का गठन किया जायेगा।
हुड्डा ने आज कैथल के गुरू गोबिंद सिंह स्टेडियम में आयोजित सिखों के महासम्मेलन में कहा कि अलग एसजीपीसी हरियाणा के सिखों का हक है और उनकी भावनाओं का सम्मान है।
सिखों के विशाल सम्मेलन में अपनी घोषणा से पूर्व श्री हुड्डा ने एक बार पुन: सिखों की राय जानी चाही। उन्होंने कहा कि ‘क्या हरियाणा के सिख अपने गुरूद्वारों का प्रबंधन अपने आप करना चाहते है और यदि ऐसा है तो अपनी राय दें।’ श्री हुड्डा के उद्गार, ‘बोले सो निहाल’ के प्रति उत्तर में हजारों की तादाद में एकत्रित सिखों ने ‘सतश्री अकाल’ के साथ हाथ उठाकर अपनी सहमति जताई।
सम्मेलन में श्री हुड्डा ने यह भी स्पष्टï किया कि हरियाणा शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी में किसी भी प्रकार का कोई राजनैतिक हस्तक्षेप नहीं होगा। एचएसजीपीसी की कार्यकारिणी का चुनाव वैसे ही होगा, जैसे पंजाब में एसजीपीसी के होते है।
हुड्डा ने कहा कि ‘मैं हर रोज बादल साहब (प्रकाश सिंह बादल, मुख्यमंत्री, पंजाब) और मक्कड़ साहब (अवतार सिंह मक्कड़, अध्यक्ष, एसजीपीसी, पंजाब) के बयान पढ़ रहा हूं। मैं दोनों का सम्मान करना हूं। मैं उम्मीद करता हूं कि चाहे वे मेरा सम्मान न करें लेकिन हरियाणा के सिखों की भावनाओं का सम्मान करें।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हरियाणा सरकार द्वारा अलग एसजीपीसी कोई राजनैतिक हस्तक्षेप नहीं है। यह हरियाणा के सिखों की भावनाओं का सम्मान है। वे अपना हक मांग रहे है। हरियाणा के सिखों की भी गुरूओं और अकाल तख्त में पूरी आस्था है। वे गुरूओं की सेवा करना चाहते है और अपने गुरूद्वारा का प्रबंधन अपने आप करना चाहते है।’
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्टï किया कि हरियाणा में अलग एसजीपीसी का गठन पूरी कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही किया जा रहा है। श्री हुड्डा ने कहा कि राज्य सरकार ने अलग एसजीपीसी बनाने के लिए वित्त मंत्री श्री हरमोहिन्द्र सिंह चट्ठा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया था। चट्ठा कमेटी को लगभग दो लाख सिखों ने शपथ पत्र देकर हरियाणा में अलग एसजीपीसी की मांग की थी। श्री हुड्डा ने कहा कि चट्ठा कमेटी की सिफारिशों पर सरकार ने कानूनी सलाह ली है।
हुड्डा ने कहा कि ‘हमने पहले ही स्पष्टï कर दिया था कि सरकार वही फैसला लेगी, जो हरियाणा के सिख कहेंगे। मैं यहां हजारों की तादाद में सिखों की हाजिरी देख रहा हूं और आपकी भावनाओं का समझ रहा हूं।’
दिल्ली एसजीपीसी के पूर्व अध्यक्ष श्री परमजीत सिंह सरना द्वारा अपने संबोधन में हरियाणा की सिखों के लिए निडर होकर निर्णय लेने की सलाह पर श्री हुड्डा ने कहा कि ‘इसमें डरने की कोई बात नहीं है। मैं सिखों की भावनाओं का सम्मान करता हूं।’ श्री हुड्डा ने कहा कि वे स्वतंत्रता सेनानी परिवार से संबंध रखते है। उनकी रगों में महान स्वतंत्रता सेनानियां का खून दौड़ रहा है। शहीद भगत सिंह के परिवार के साथ रिश्तों का हवाला देते हुए श्री हुड्डा ने कहा कि उनके परिवार ने शहीद भगत सिंह के परिवार के साथ संघर्ष में साथ दिया था। शहीद भगत सिंह के चाचा सरदार अजीत सिंह और उनके दादा चौधरी मातूराम को अंग्रेजों ने एक ही कलम से काले पानी की सज़ा दी थी।

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