अर्जुन सिंह की सियासी पारी हाशिये पर

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ज़ाकिर हुसैन 

नई दिल्ली.    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री अर्जुन सिंह अपने बेटे और बेटी को टिकट नहीं मिलने से परेशान हैं, क्योंकि अर्जुन सिंह उम्र के साथ राजनीति के जिस पड़ाव पर हैं उस पड़ाव पर अर्जुन सिंह की राजनीतिक विरासत को संभालने के लिए उनके परिवार से किसी एक सदस्य को तो कम से कम राजनीति में आना ज़रूरी था, पर कांग्रेस ने उनकी राजनीतिक विरासत की वृद्धि में लगता है पूर्ण विराम लगा दिया है. इस पूर्ण विराम के साथ ही अर्जुन सिंह की राजनीतिक पारी की भी लगता है आज नहीं तो कल घोषित हो ही जाएगी, क्योंकि जिस तरह से अर्जुन सिंह के बेटे और बेटी की लोकसभा को टिकट की दावेदारी को खारिज किया है, इससे साफ़ नज़र आता है कि अर्जुन सिंह की कांग्रेस में हैसियत हाशिये पर आ गई है. यह किसी भी ऐसे परिवार के लिए जिसने अपना पूरा जीवन पार्टी को ही समर्पित कर दिया हो, उसके लिए यह दुख की वजह हो सकती है और अर्जुन सिंह ने भी अपना दुख जगज़ाहिर कटे हुए कांग्रेस पर अपनी भड़ास निकालनी शुरू कर दी है.

उनका कहना है कि पार्टी के प्रति वफादारी के बदले मिले व्यवहार से वे काफी दुखी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि  आज पार्टी जिस तरह से काम कर रही है, उसमें सम्मान -अपमान कोई मुद्दा ही नहीं रह गया है। अपने बेटे अजय सिंह को सीधी और बेटी वीणा सिंह को सतना से कांग्रेस का टिकट न दिए जाने पर पर्तिक्रिया ज़ाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के इस रवैये से उन्हें बहुत दुख हुआ है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वो कांग्रेस में अलग-थलग पड़ गए हैं. 

अर्जुन सिंह को इन बयानों को खारिज करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता जयंती नटराजन ने कहा, ‘जब हम पार्टी को अपना समझकर काम करते हैं तो हमें किसी चीज की अपेक्षा नहीं करनी चाहिए।’  पार्टी के लिए काम करना अपने आप में वफादारी का ‘पुरस्कार’ है। साथ ही कांग्रेस ने अर्जुन सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई से इनकार किया  है।

अर्जुन सिंह आज मध्यप्रदेश की सीधी संसदीय सीट से कांग्रेस प्रत्याशी इंद्रजीत पटेल के पक्ष में और अपनी बेटी वीणा सिंह के खिलाफ़ चुनाव प्रचार करेंगे। गौरतलब है कि कांग्रेस का टिकट न मिलने पर अर्जुन सिंह की बेटी  वीणा सिंह ने बगावत करते हुए यहां से इस सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पर्चा दाखिल किया था. 
वीणा सिंह का कहना है कि पापा के फैसले से कोई परेशानी नहीं है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे अपने परिवार द्वारा सीधी में पिछले 50 साल में किए गए काम के बदले वोट मांग रही हैं।
 
दिलचस्प बात है कि जहां कांग्रेस प्रत्याशी इंद्रजीत पटेल कांग्रेस द्वारा किये गए काम के बदले वोट मांग रहे हैं, वहीं उनकी विरोधी उम्मीदवार वीणा सिंह भी कांग्रेस द्वारा किये गए काम के बदले ही वोट मांग रही हैं.  अब इस सीट पर हार-जीत किसी की भी हो नुकसान सिर्फ अर्जुन सिंह का ही होगा, क्योंकि अगर वीणा सिंह जीत जाती हैं तो कांग्रेस आला कमान की नाराजगी झेलनी पड़ेगी, और अगर इंद्रजीत पटेल जीत जाते हैं तो इस सीट से अर्जुन सिंह की पारिवारिक विरासत ख़त्म हो जाएगी.   

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