Close X
Friday, March 5th, 2021

अरुणाचल में जो हुआ सही नहीं था

जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के तुरंत बाद रामचंद्र प्रसाद सिंह यानी कि आरसीपी सिंह ने इशारों-इशारों में सहयोगी दल बीजेपी को चेतावनी दी है. आरसीपी सिंह ने कहा है कि हम कोई साजिश नहीं रचते हैं. हम हमेशा अपने सहयोगियों के प्रति ईमानदार रहते हैं मगर अरुणाचल में जो हुआ वह सही नहीं था.आरसीपी के इस बयान को अरुणाचल प्रदेश के घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है. जहां जेडीयू के 6 विधायक बीजेपी में शामिल हो गए हैं. आरसीपी सिंह ने अध्यक्ष पद संभालते ही चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि हमारी पार्टी किसी की पीठ में छुरा नहीं मारती है, साथ ही हम किसी को मौका भी नहीं देते हैं कि कोई हमारे पीठ में छुरा मार सके.

नीतीश के खिलाफ एक भी शब्द बर्दाश्त नहीं
जेडीयू अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में साफ कर दिया कि उन्हें अपने नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ एक भी शब्द बर्दाश्त नहीं होगा.

अरुणाचल में जो हुआ सही नहीं था
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से ठीक पहले अरुणाचल में मिले झटके ने जेडीयू को बैकफुट पर ला दिया है. नए अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने बीजेपी को ईमानदारी की सीख दी और कहा, "हम जिसके साथ भी रहते हैं, पूरी ईमानदारी के साथ रहते हैं. हम कोई साजिश नहीं रचते हैं. हम हमेशा अपने सहयोगियों के प्रति ईमानदार रहते हैं मगर अरुणाचल में जो हुआ वह सही नहीं था."

2010 चुनाव की दिलाई याद
राष्ट्रीय कार्यकारिणी में अपने संबोधन के दौरान आरसीपी ने बीजेपी को 2010 विधानसभा चुनाव की याद दिलाई और कहा कि जनता दल यूनाइटेड किसी की पीठ में छुरा नहीं मारती है और किसी को मौका भी नहीं देती है कि कोई उसकी पीठ में छुरा मारे. गौरतलब है कि साल 2010 विधानसभा चुनाव में बीजेपी और जेडीयू गठबंधन में थे और एक साथ चुनाव लड़े थे. हाल के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के मुकाबले जेडीयू के स्ट्राइक रेट कम होने का जिक्र करते हुए आरसीपी सिंह ने कहा कि “आज जो भी लोग स्ट्राइक रेट की बात कर रहे हैं और चेहरे की बात कर रहे हैं उन्हें 2010 का विधानसभा चुनाव याद करना चाहिए. चुनाव के परिणाम आने से पहले ही बीजेपी बड़ी-बड़ी बातें कर रही थी मगर जब नतीजा आया तो जनता दल यूनाइटेड का स्ट्राइक रेट 90 फीसदी था."बीजेपी को इतिहास की याद दिलाते हुए आरसीपी सिंह ने कहा कि 2010 में चुनावी नतीजे आने के बाद बीजेपी नेता अरुण जेटली और सुशील मोदी नीतीश कुमार से मिलने आए थे और इस बात पर चर्चा हुई थी कि किस दल का क्या स्ट्राइक रेट रहा है और किसे कितनी सीटें मिली है और उसी के आधार पर मंत्री पद का बंटवारा होना चाहिए.आरसीपी ने कहा कि लेकिन तब नीतीश कुमार ने उस वक्त स्पष्ट कर दिया था कि विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच में जो तय हुआ था उसी के आधार पर मंत्री पद का बंटवारा होगा.

बिहार में कैबिनेट विस्तार का इंतजार
बता दें कि बिहार में अब तक कैबिनेट का विस्तार नहीं हुआ है. इस मुद्दे पर बीजेपी और जेडीयू के बीच अंदरखाने खींचतान चल रही है. सूत्रों के मुताबिक बीजेपी ज्यादा संख्याबल के आधार पर ज्यादा सीटें चाहती है. लेकिन जेडीयू बीजेपी को इतिहास बता रही है. 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में 36 मंत्री बन सकते हैं. अभी राज्य में 14 मंत्री ही है. इस लिहाज से राज्य में 22 मंत्रियों का कोटा खाली है.  बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने जहां 110 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे, वहीं जेडीयू 115 सीटों पर चुनाव लड़ी. बीजेपी ने इन चुनावों में 74 सीटों पर जीत हासिल की वहीं जेडीयू 43 सीटों पर ही जीत दर्ज कर सकी.PLC.

Comments

CAPTCHA code

Users Comment