Wednesday, July 8th, 2020

अब राज्य भी तय करेंगे नियम- लॉकडाउन 4.0 अब 31 मई तक 

नई दिल्ली देशव्यापी लॉकडाउन 4.0 को 31 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की तरफ भारत सरकार/राज्य सरकार और राज्य अथॉरिटीज को लॉकडाउन बढ़ाने का निर्देश देते हुए कहा गया है कि कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए देश में लॉकडाउन को बढ़ाने की जरूरत है।देश में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ा दिया गया है। लॉकडाउन-4 में ज्यादातर अधिकार राज्यों को दिए गए हैं। केंद्रीय सूची में आने वाले विषयों पर केंद्र सरकार अलग से विस्तृत गाइडलाइन जारी करेगी।

नैशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीएमए) ने इस बारे में ऑर्डर जारी किया। इसमें केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों तथा राज्य सरकारों को कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिए उपाय करने को कहा गया है। देश में 25 मार्च से लॉकडाउन लागू है। एनडीएमए ने कोई नई गाइडलाइन जारी नहीं की है। उसका कहना है कि देश में लॉकडाउन के बारे में नेशनल एग्जिक्यूटिव कमेटी (एनईसी) ने आपदा प्रबंधन कानून, 2005 की धारा 10 (2) के तहत समय-समय पर ऑर्डर और स्पष्टीकरण जारी किए हैं।

 

गाइडलाइंस में होंगे जरूरी बदलाव
एनडीएमए ने अपने ऑर्डर में कहा है कि कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन के उपाय 31 मई तक जारी रहेंगे। आर्थिक गतिविधियों को खोलने के लिए एनईसी गाइडलाइंस में जरूरी बदलाव करेगी ताकि कोविड-19 के प्रसार को रोकने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी आगे बढ़ाया जा सके।

यह तीसरा मौका है जब लॉकडाउन बढ़ाया गया है। इससे पहले भी दो बार देश में लॉकडाउन बढ़ाया गया था और लॉकडाउन-3 की मियाद आज खत्म हो रही थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम संबोधन में लॉकडाउन बढ़ाने का संकेत दिया था। हालांकि उन्होंने कहा था कि यह कुछ नए रंग रूप वाला होगा। ऐसे में सबकी निगाहें इस बात पर टिकी थीं कि यह नया रंगरूप कैसा होगा? इसमें किस तरह की छूट दी जाएगी।

 

कई राज्य पहले ही बढ़ा चुके थे लॉकडाउन
देश में जिस तरह से कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, उससे लॉकडाउन का बढ़ना लाजिमी माना जा रहा था। कई राज्यों ने इसके लिए तैयारी भी कर ली थी। पंजाब, तेलंगाना, महाराष्ट्र और तमिलनाडु ने पहले ही 31 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा की थी। देश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 90 हजार के पार पहुंच चुकी है जिनमें से 2800 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

केंद्र ने लॉकडाउन बढ़ाने के बारे में राज्यों से सुझाव मांगे थे। शुक्रवार को गृह मंत्री अमित शाह ने अपने मंत्रालय के अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक की। इसमें सभी राज्यों से मिले सुझावों पर विचार करने के बाद लॉकडाउन-4 के लिए दिशानिर्देशों का खाका तैयार किया गया। ज्यादातर राज्यों ने इस महीने के आखिर तक लॉकडाउन बढ़ाने का सुझाव दिया है।

 

पहले भी दो बार बढ़ा था लॉकडाउन
लॉकडाउन का पहला चरण 25 मार्च से 14 अप्रैल तक था। 15 अप्रैल से 3 मई तक लॉकडाउन-2 और 4 मई से 17 मई तक लॉकडाउन-3 था। पहले चरण में केवल जरूरी सामान के लिए छूट थी। लॉकडाउन-2 में हॉटस्पॉट छोड़कर ऑरेंज और ग्रीन जोन में दुकानें खोलने की अनुमति दी गई थी।

लॉकडाउन-3 में कुछ शर्तों के साथ फैक्ट्रियां खोलने की अनुमति दी गई थी। इस दौर में देश में जहां-तहां फंसे प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए ट्रेनें और बसें भी चलाई गईं। इसके अलावा राजधानी के रूट पर 15 जोड़ी विशेष ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं।

देशव्यापी लॉकडाउन को करीब 50 दिन से ज्यादा हो गए लेकिन देशभर में कोरोना केस लगातार आ रहे हैं। जिन राज्यों में कोरोना संक्रमण की रफ्तार काफ तेज है वो हैं- महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, दिल्ली और मध्य प्रदेश।

हालांकि, पीएम मोदी ने कहा कि लॉकडाउन 4.0 अब तक लगाए गए देशव्यापी लॉकडाउन से पूरी तरह अलग होगा। उसके बाद ऐसा माना जा रहा है कि कुछ क्षेत्रों में और रियाय का ऐलान किया जा सकता है। इसके साथ ही, राज्य सरकारों की ये मांग है कि केन्द्र राज्य को यह फैसला दे दे कि राज्य स्तर पर उन्हें क्या खोलना चाहिए। राज्यों की तरह से इस बारे में लॉकडाउन 4 में छूट को लेकर गृह मंत्रालय को भेजा जा चुका है। PLC.

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