Monday, June 1st, 2020

अब कागजों के लिए लाइन में होंगे खड़ा

बाराबंकी. सीतापुर (Sitapur) दौरे के दौरान बुधवार को बाराबंकी (Barabanki) पहुंचे समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने केंद्र की बीजेपी (BJP) सरकार की नीति पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) ठीक उसी तरह है जैसे नोटबंदी (Demonetization) के समय था. नोटबंदी में लोगों को बैंकों की लाइन में खड़ा कर दिया और अब कागजात दिखाने के लिए लाइन में खड़ा करेंगे. बीजेपी मूल मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए जनता को उलझा रही है. प्रदेश सरकार को कानून-व्यवस्था पर घेरते हुए अखिलेश ने कहा कि अब तो एक आइपीएस आरोप लगा रहा है कि ट्रांसफर पोस्टिंग में भ्रष्टाचार हो रहा है.

अखिलेश यादव ने नए कानून पर सरकार की नीयत पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि बीजेपी आज मूल मुद्दों पर असफल होने के बाद जनता को उलझाये रखने के लिए यह कानून लेकर आई है. उसका यह गेमप्लान ठीक उसी तरह है जैसा कि नोटबंदी के समय था. नोटबंदी के समय लोगों को बैंकों की लाइन में खड़ा कर दिया और अब कागजों को दिखाने के लिए लाइन में खड़ा करने का इरादा है. आखिर क्या कारण है कि जब संसद के दोनों सदनों में बहस हो गई तो अब वह चौराहों पर जाकर जनता के बीच CAA क्या है यह बात समझानी पड़ रही है.

कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरा

प्रदेश में क़ानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि आज बीजेपी की सरकार में सपा कार्यकर्ताओं की तो जान गई ही है, साथ-साथ आम जनता की भी जान गई है. खासकर जिन बेटियोँ को न्याय मिलना चाहिए उनकी भी जान गई है. आज वह कहीं आत्मदाह कर रही है तो कहीं जलाई जा रही हैं.

सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि वह चाहते ही नहीं हैं कि कानून व्यवस्था सुधरे. ऐसा देश के इतिहास में कभी नहीं हुआ कि एक आइपीएस खुद यह आरोप लगा रहा है कि आईपीएस के ट्रांसफर में पैसा लिया जा रहा है.  ऐसा कभी नहीं हुआ. कम से कम दोषी आइपीएस लोगों को बर्खास्त करने का प्रस्ताव तो भेजें दिल्ली को.

शिवपाल से गठबंधन पर कही ये बात

शिवपाल सिंह यादव की पार्टी से गठबंधन के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि यह बात आप हमसे इसलिए कहलाना चाह रहे हो कि इस खबर में CAA छिप जाए. NRC छिप जाए. मूल मुद्दे छिप जाएं. मगर मैं इसपर कुछ नही बोलने वाला. अखिलेश यादव ने कहा कि अभी चुनाब बहुत दूर है अभी हमें काम करने दीजिए. PLC.

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