Tuesday, July 14th, 2020

अपनी आर्थिक वृद्धि दर कायम रखने के लिए हमें विकास के ऐजेंडे पर निरंतर ध्यान रखना होगा - प्रणव मुखर्जी

[caption id="attachment_41335" align="alignleft" width="300" caption="The Union Finance Minister, Shri Pranab Mukherjee addressing the First Session of ADB Annual Board of Governors' Meeting, in Manila, Philippines."][/caption] आई.एन.वी.सी,,
फिलिप्पिनेस,,
                  वित्त मंत्री श्री प्रणव मुखर्जी ने आज मनीला में एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की 45वीं वार्षिक बैठक के प्रथम व्यापार सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और फिलीपीन एशिया के बड़े लोकतंत्र देश हैं जो बढ़ते हुए आर्थिक आदान-प्रदान के कारण पिछले वर्षों के दौरान एक-दूसरे के करीब आए हैं। श्री मुखर्जी ने कहा कि व्यापार, निवेश, पर्यटन, जलवायु परिवर्तन और कई अन्य क्षेत्रों में अत्यधिक विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत, फिलीपीन के साथ मैत्रीपूर्ण सहयोग का महत्व देता है। मंत्री महोदय ने कहा कि हाल के अंतर्राष्ट्रीय लक्षणों ने स्वागत-योग्य बदलावों को दर्शाया है, हालांकि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता और जोखिम कायम है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 में विकासशील एशिया की औसत विकास दर 7.2 प्रतिशत थी। श्री मुखर्जी ने कहा कि अपनी आर्थिक वृद्धि दर कायम रखने के लिए हमें विकास के ऐजेंडे पर निरंतर ध्यान रखना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारा विकास पर्यावरण की दृष्टि से टिकाउ हो। विकास दर को बढ़ाने और शिक्षा तथा कौशल विकास के क्षेत्र में निवेश के लिए नवीन और नवीकरणीय प्रौद्योगिकियों की तलाश करनी होगी। उन्होंने कहा कि विकास के नए अवसरों के सृजन के बल पर एशिया वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक विकास इंजन के रूप में अधिकाधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रतिकूल अंतर्राष्ट्रीय वातावरण के बावजूद भारत वित्त वर्ष 2011-12 में सकल घरेलू उत्पाद की 6.9 प्रतिशत वृद्धि दर कायम रखने में सफल रहा है। भारत का अधिकांश सकल घरेलू उत्पाद घरेलू मांग पर आधारित है। हमारी ऊंची बचत दर के कारण हम सकल घरेलू उत्पाद के 35-37 प्रतिशत की निवेश दर तक पंहुच पाते हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि एशिया और प्रशांत देशोँ के लिए एशियाई विकास बैंक, विकास का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। इस अवसर पर श्री मुखर्जी ने "सशक्तीकरण के माध्यम से विकास" नामक मूल विषय पर अगले वर्ष नई दिल्ली में आयोजित होने वाले एशियाई विकास बैंक की 46वीं वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए सभी भागीदारों को आमंत्रित किया।

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अपनी आर्थिक वृद्धि दर कायम रखने के लिए हमें विकास के ऐजेंडे पर निरंतर ध्यान रखना होगा – प्रणव मुख, says on May 5, 2012, 4:42 PM

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